बच्चों की सरकार कैसी हो? राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने बच्चों को दिया टास्क

February 17, 2021 Digital Baal Mela

लोकतंत्र के निर्माण में बच्चों की भूमिका पर प्रदेश विधानसभा में होगी विशेष बाल सभा

देशभर के बच्चे ले सकेंगे भाग

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने देश में पहली बार आयोजित हुए डिजिटल बाल मेला 2021 का आगाज़ किया। फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी प्रायोजित रचनात्मक मंच डिजिटल बाल मेला के विशेष बच्चों को आज राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी ने सफल आयोजन की बधाई दी साथ ही लिटिल कोरोना वॉरियर्स को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया।

डिजिटल बाल मेला की टीम ने उन्हें बताया कि कोरोना के मुश्किल दौर में बच्चों ने घर में रहते हुए अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने इस मौके पर बाल मेला के एक हजार लिटिल कोरोना वॉरियर्स के काम को देखा और सराहा। साथ ही डॉ सीपी जोशी ने बच्चों को एक नया टास्क दिया और कहा - डिजिटल बाल मेला 2021 में बच्चे उन्हें बतायें कि उनकी सरकार कैसी होनी चाहिए।

डॉ सीपी जोशी बच्चों से कहा - जितनी जागरूकता का परिचय आपने कोरोना वॉरियर बनकर दिया है, मैं चाहता हूं..भारत के लोकतांत्रिक विकास में भी आप बच्चों की भूमिका उससे भी बड़ी हो। जब डिजिटल बाल मेला कि जाह्नवी शर्मा ने उनसे पूछा कि बच्चों की सरकार क्यों नहीं होती..तो डॉ सीपी जोशी ने बताया कि दुनिया में कुछ देश हैं जहां बच्चों के विशेष प्रतिनिधि चुने जाते हैं। हम भारत में भी ऐसी शुरुआत करेंगे। तब उन्होंने बच्चों से कहा कि वे राजस्थान विधानसभा में आकर बतायें कि बच्चों की सरकार कैसी हो?

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी ने बाल मेला के नायाब प्रयोग पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि जल्द ही बच्चों की आवाज विधानसभा में गुंजेंगी। मुझे बेहद ख़ुशी होगी कि जैसे बाल मेला के टैलेंटेड बच्चों ने कोरोना जागरूकता का संदेश पूरे देश को दिया है वैसे ही बच्चे लोकतंत्र निर्माण के बारे में क्या सोचते हैं..बच्चों की सरकार कैसी होनी चाहिए? इस दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी ने ऐलान भी किया कि लोकतंत्र निर्माण में बच्चों का योगदान आवश्यक है इसके लिए जल्द ही राजस्थान विधानसभा नयी शुरुआत करेगी। विधानसभा में बच्चों के लिए लोकतंत्र निर्माण में विशेष आयोजन किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने बच्चों के हित में कहा कि आज के समय में बच्चों पर प्रेशर है कि उसे डॉक्टर बनना है, इंजीनियर बनना है..लेकिन इसी के साथ माता-पिता और स्कूल की जिम्मेदारी है कि बच्चों को क्रिएटिविटी की तरफ भी जानें का मौका दें जिससे बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास के साथ क्षमताओं का संवर्धन हो। क्रिएटिविटी बच्चों के करिकुलम ( पाठ्यक्रम ) में शामिल होना चाहिए। जब बच्चे क्रिएटिविटी दिखायेंगे तो किसी एक परिवार नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान का नाम होगा।

कोरोना जैसे मुश्किल समय में डिजिटल बाल मेला के आयोजन को डॉ सीपी जोशी ने सराहते हुए एक अच्छा नवाचार बताया और पूरी बाल मेला टीम को बधाई दी। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने बच्चों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी और केक कट किया। डॉ सीपी जोशी ने डिजिटल बाल मेला के बच्चों को विशेष उपहार भी दिए। डिजिटल बाल मेला के प्रतियोगी बच्चे भी राज्य के विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी से मिलकर बेहद खुश नजर आए। विधानसभा अध्यक्ष ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी।

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