Digital Baal Mela: राजनीति में क्या है लंबे समय तक रहने का फॉर्मूला, बताएंगे उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, शुक्रवार शाम 4 बजे करेंगे संवाद

rajendra rathore bjp
July 26, 2021 Digital Baal Mela

लंबी पारी,फार्मूला भारी ? राजनीति में लंबे समय तक जनता की उम्मीदों, विश्वास पर कायम रहना आसान नहीं होता है। लेकिन यदि कोई ऐसा करता है तो वो सक्षम और राजनीति में सबसे दमदार नेता माना जाता है। ऐसे में आखिर क्या है राजनीति में लंबे समय तक बने रहने का फॉर्मूला? कैसे कोई उम्मीदवार अपने कार्यो का बखूबी निर्वहन कर जनता के दिलों पर राज करता है? डिजिटल बाल मेला को यही बताने आ रहे है राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़। जो कि डिजिटल बाल मेला पर बच्चों से शुक्रवार 30 जुलाई शाम 4 बजे गूगल मीट पर लाइव जुड़ेंगे।

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ बच्चों को राजनीति में काम आने वाली सबसे अहम बातों से रूबरू कराएंगे। एक नेता की जिम्मेदारियों के साथ ही किस तरह उन्हें अपने काम से जनता का दिल उनका विश्वास जीतना है के गुर सीखाएंगे। 30 जुलाई को होने जा रहा ये संवाद बच्चों के लिए ना सिर्फ राजनीति बल्कि उनके व्यक्तिव जीवन में भी रोमांचक मोड़ लेकर आएंगा। जिससे बच्चों को काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ से होने वाले इस संवाद के लिए ना सिर्फ बच्चे बल्कि अभिभावक भी काफी उत्साहित है जो राजेंद्र राठौड़ के लंबी पारी के फॉर्मूले को जानने में राजनीति में उनके अनुभव जानने में भी दिलचस्पी दिखा रहे है।

उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का परिचय

राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले राजेंद्र राठौड़ किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। करीब 3 दशक से राजस्थान जिले के ​चुरू विधानसभा सीट पर अपना वर्चस्व कायम कर रहे राजेंद्र राठौड़ राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य नित है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता के रूप में पहचाने बनाने वाले राजेन्द्र राठौड़ ने सत्ता हो या संगठन हर समय संकटमोचक बनने का काम किया है।उन्होंने हमेशा से जनता के सीधा संवाद करने पर जोर दिया है, यही वजह है कि हर तबके के लोग राजेन्द्र राठौड़ के व्यक्तित्व व व्यवहार कौशल के कायल हैं। जमीनी स्तर से जुड़ाव रखने वाले राजेन्द्र राठौड़ की सादगीपूर्ण जीवनशैली, विनम्र स्वभाव व 24 घंटे जनहित में समर्पित रहने जैसे विभिन्न गुणों की प्रशंसा जनता ही नहीं बल्कि राज्य व केन्द्रीय स्तर के नेता भी करते हैं। जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने, सरकार की कार्यशैली पर पैनी नजर रखने, सरकारी की गलत नीतियों का प्रखर विरोध करने और छोटे से छोटे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थायी संपर्क की योग्यताओं जैसी उनकी संगठनात्मक क्षमताओं की वजह से भाजपा आलाकमान का उन पर अटूट भरोसा हैं।

21 अप्रैल 1955 को हरपालसर, चुरु, राजस्थान में जन्मे राजेंद्र राठौड़ ग्रामीण विकास, पंचायती राज संसदीय कार्य और राजस्थान सरकार में चुनावों के लिए मंत्री है और वर्तमान में राजस्थान विधानसभा के छठे कार्यकाल के सदस्य हैं। उन्होंने 1990, 1993, 1998, 2003, 2008 (तारानगर) 2013 और 2018 में चुरु विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। शेखावती क्षेत्र से आने वाले राजेंद्र राठौड़ का राज्य की बिजली संरचना में तीसरा स्थान माना जाता है। राजेंद्र राठौड़ ने उच्च शिक्षा ग्रहण की है उनके पास BAC MA LLB की डिग्री है। तो वही वो मास्को, थाइलैंड, तजानियां जैसे अन्य कई देशों की यात्रा भी कर चुके है।वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चन्द्रशेखर व पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत जी को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। इनसे प्रभावित होकर ही राजेन्द्र राठौड़ ने राजस्थान की मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा।

3 दशक से राजनीति में सक्रिय रहने वाले राजेन्द्र राठौड़ ने 1990 से लेकर अब तक लगातार जीत हासिल कर जो रिकॉर्ड कायम किया है वो अद्वितीय है।राजेन्द्र राठौड़ कुशल वक्ता व अनुभवी राजनीतिज्ञ के तौर पर पक्ष-विपक्ष हर जगह बेहद सम्मानीय हैं और प्रदेश की राजनीति में दिग्गज नेताओं में से एक हैं। वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर प्रदेश की राजनीति व विकास में एक सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। राजनीतिक व्यस्तता के बीच वे अपने व परिवार के लिए समय भी निकालते हैं। उन्हें रेडियो सुनना, कबड्डी खेलना, आध्यात्मिक साहित्य पढ़ना व बुद्धिजीवियों के साथ वार्तालाप करना बेहद पसंद हैं।

अब राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले राजेंद्र राठौड़ ​डिजिटल बाल मेला के बच्चों को इसका फॉर्मूला बताएंगे। वे बच्चों को बताएंगे कि कैसे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाकर जनता के दिलों पर राज करना है कैसे एक कुशल राजनेता बनकर जनता का विश्वास कायम रखना है तो वही एक राजनेता के क्या गुण उन्हें लंबे समय तक राजनीति में रहने के अवसर देती है।

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
'बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है। ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद, मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम, विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,डॉ अजयवर्धन आचार्य,मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज। तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया। इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, विधायक राजकुमार रोत, वही सुबोध स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने भी बच्चों से संवाद किया।

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा। जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे।ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'।।

Digital Baal Mela 2021 की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री:
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है।

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