जेंडर संवदेनशीलता बढ़ाने में स्थानीय मीडिया की सक्रिय भागीदारी जरूरी 

महिला विषयों को प्राथमिकता देने के लिए एकजुट हुए पत्रकार 

जोधपुर। यूनिसेफ एवं फ्यूचर सोसाइटी की नई पहल ” जेंडर सेंसिटिव राजस्थान ” के तहत बुधवार को लैंगिक संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए मीडिया कार्यशाला का आजोयन सूर्यनगरी जोधपुर में हुआ। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आरटीडीसी होटल घूमर में 10 बजे से 2 बजे तक संपन्न हुई। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ जेंडर विषय विशेषज्ञ और शिक्षाविद् नसीरूद्दीन ने अपने 2 घंटे से ज्यादा चले प्रशिक्षण सत्र में बताया कि हमारा समाज लड़के और लड़की में जो फर्क दिखाता है वो तथ्यों से परे है। जरूरत इस बात की है कि मीडिया के साथी पत्रकार समाज द्वारा थोपी गई अवधारणाओं को बदले और ये तभी संभव होगा जब पत्रकार अपनी ख़बर से अपने गांव और जिले में लोगों को ये समझाने में सफल हो कि स्त्री और पुरुष दोनों समान होते है।

उन्होंने बताया कि ख़बर लिखते समय कुछ शब्दों का ध्यान रखा जाए तो लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आ सकता है मसलन बलात्कार के अपराध के लिए दुष्कर्म जैसे शब्दों का प्रयोग अपराधी को बचाता है।

यूनिसेफ राजस्थान के संचार विशेषज्ञ अंकुश सिंह ने उद्घाटन उद्बोधन में बाल अधिकारों को सुरक्षित करने में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की बड़ी भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि वैक्सीन समय पर लगाना बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिये ज़रूरी है।

फ्यूचर सोसाइटी की उपाध्यक्ष रविता शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला के जरिए संस्था का उद्देश्य उन छोटी छोटी बातों पर मीडिया के मित्रों का ध्यान दिलाना था जिनको अपनी खबरों में जगह देकर मीडिया जेंडर संवदेनशीलता बढ़ाने में ब्रांड एंबेसडर का काम कर सकता है।

गौरतलब है कि जैसलमैर, पाली, बाड़मेर, जालौर और जोधपुर के संगीता शर्मा, राजीव गौड़ सहित बड़ी संख्या में जोधपुर संभाग के पत्रकार मौजूद रहे। पत्रकारों ने भारी संख्या में कार्यशाला में भाग लिया और अपने सुझाव भी दिए।

डिजिटल बाल मेला ने दिसंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

 

 

 

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –

Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela

Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela

YouTube –

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *