हनुमानगढ़ के पारस माली ने बताया क्यों मनाया जाता है..
बाल लेखक पारस माली
अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस हर वर्ष 28 अक्टूबर को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है एनीमेशन दिवस को मनाने का उद्देश्य एनीमेशन की कला का जश्न और इसके पीछे कलाकारों वैज्ञानिकों, तकनीकी और एनीमेशन क्रिएटर इनका हौसला बढ़ाने के लिए यह दिवस बड़ी धूमधाम से बनाया जा रहा है। यह दिन वर्ष 2002 में अंतर्राष्ट्रीय एनीमेटेड फिल्म संगठन द्वारा मनाया गया जो यूनेस्को का एक सदस्य है। आजकल हम देखते हैं कि एनिमेशन के बिना कोई भी कार्यक्रम नहीं हो सकता चाहे वह बच्चों के लिए कार्टून हो या कोई फिल्म। सभी के अंदर एनीमेशन का उपयोग होता है यही कलाकारी पूरी दुनिया के सामने लाने के लिए 28 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस मनाया जाता है।
इस दिन का इतिहास।
2002 में इएसआइफ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय एनीमेशन दिवस घोषित किया गया था एनिमेशन के जन्म का सम्मान करते हुए 28 अक्टूबर 1892 को पेरिस में एमिल रेनॉड का थिएटर ऑप्टिक के अनुमानित चलती छवियों के पहले एनीमेशन प्रदर्शन के रूप में पहचाना गया।
धन्यवाद
डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है।
डिजिटल बाल मेला ने सितंबर एवं अक्तूबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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