Know about World Suicide Prevention Day from Kashish of Himachal Pradesh.

Know about World Suicide Prevention Day from Kashish of Himachal Pradesh.   Child writer Kashish.   World Suicide Prevention Day which is observed every year on September 10, is organized by the International Suicide Prevention Association and supported by the World Health Organization. The event represents a global commitment to focus on suicide prevention. The […]

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विशेषताओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

डूंगरपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही ग्रीष्मा चौहान ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के पारंपरिक खान-पान, स्टोन एवं वुडन क्राफ्ट तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों की ऐतिहासिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। ग्रीष्मा की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों को डूंगरपुर की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन से परिचित कराया। उनकी स्टॉल

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया।

जयपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे धीरज कुमार ने अपनी स्टॉल के माध्यम से गुलाबी नगरी की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप दिया। उन्होंने हवा महल, आमेर किला और अल्बर्ट हॉल के आकर्षक मॉडलों के जरिए जयपुर के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया। साथ ही घेवर, फीणी जैसे प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों, जयपुर की संस्कृति और लोकजीवन

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, कला और स्थानीय पहचान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

सिरोही जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रमोद परिहार ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की विशिष्ट पहचान को प्रभावशाली रूप में प्रदर्शित किया। उन्होंने सिरोही के प्रसिद्ध मार्बल, स्थानीय पारंपरिक मिठाइयों तथा जिले की अन्य विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत कर आगंतुकों को सिरोही की समृद्ध विरासत से परिचित कराया। प्रमोद की प्रभावशाली

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

दौसा जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हिमेश ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प और कृषि आधारित जीवनशैली की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति ने दौसा की पारंपरिक कला और ग्रामीण संस्कृति को सुंदर तरीके से दर्शकों के सामने रखा। हिमेश की रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

हनुमानगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे पारस माली ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने भटनेर दुर्ग, काली माता मंदिर, जिले के प्रसिद्ध संतरे, देसी घी से बने पारंपरिक बिस्किट तथा कढ़ाई से तैयार किए गए पारंपरिक सूट को प्रदर्शित कर

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, विरासत और विशिष्ट पहचान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

भरतपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही नाम्या मिश्रा और मोनीष्का ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक धरोहर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने भरतपुर के पारंपरिक खान-पान, विश्वप्रसिद्ध केवलादेव घना पक्षी अभयारण्य (Bird Sanctuary) तथा जिले की लोक संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रदर्शित कर आगंतुकों

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बांसवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे अथर्व जोशी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित जीवनशैली की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। उन्होंने बांस (Bamboo) से बने पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय जनजातीय हस्तशिल्प तथा बांसवाड़ा के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित कर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।

चूरू जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे विकास सुथार और यावी पारीक ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों की शानदार झलक पेश की। उन्होंने चूरू की प्रसिद्ध मिठाइयों के साथ-साथ वॉलनट क्रशर, झूमर, सजावटी हस्तशिल्प (Decorative Pieces) जैसी स्थानीय हस्तनिर्मित कलाकृतियों को प्रदर्शित कर जिले की समृद्ध शिल्प परंपरा

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, इतिहास और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

झालावाड़ जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे बॉबी सिंह मखीजा और वंशिका चौधरी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की विशिष्ट पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। उन्होंने झालावाड़ की प्रसिद्ध फीणी, रसदार संतरे तथा जिले के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की आकर्षक झलक प्रस्तुत कर आगंतुकों को जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, इतिहास और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विशेषताओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

जैसलमेर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही वर्षा तावरी ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से “स्वर्ण नगरी” की अनूठी पहचान को जीवंत किया। उन्होंने घोटुआ लड्डू, ऊंट के चमड़े से बने हस्तशिल्प (Camel Leather Craft), सैंड ड्यून्स (रेत के टीले) और जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थर (Yellow Stone) को सुंदर ढंग से प्रदर्शित कर जिले

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विशेषताओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। Read More »