जानिए हनुमानगढ़ के पारस माली से आनासागर झील के बारे में…

जानिए हनुमानगढ़ के पारस माली से आनासागर झील के बारे में।

पारस माली।

ऐतिहासिक आनासागर झील का बेहद रोचक रहा है इतिहास, जानिए कैसे हुआ निर्माण?
आप हम आपको झील के इतिहास के बारे में बताएंगे, जिसके इतिहास के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। यहां जाकर न सिर्फ आपको अच्छा लगेगा, बल्कि घूमने में भी मजा आ जाएगा।
राजस्थान पूरी दुनिया के सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इस शहर की बात ही अलग है, यहां का राजपूताना और शाही खाना हर किसी को लुभाता है। यहां पुराने महलों और उनकी वास्तुकला को देखना अपने आप में एक्साइटिंग एक्सपीरियंस है।

यहां की जीवंत संस्कृति और ट्रेडिशनल लाइफस्टाइल महिलाओं को विशेष रूप से अपनी तरफ आकर्षित करता है। अगर आप राजस्थान के जयपुर, उदयपुर जैसे पॉपुलर डेस्टिनेशन्स की सैर कर चुके हैं। नई ऑफबीट जगहों पर जाने के लिए उत्सुक हैं, तो यहां स्थित झीलों को भी एक्सप्लोर किया जा सकता है।
इस शहर में खूबसूरत झीलों की भरमार है, जिसका दीदार हम सभी लोगों को करना चाहिए। अगर हम आपसे कहें कि इस बार आनासागर झील को एक्सप्लोर करें, क्योंकि इसका इतिहास काफी रोचक रहा है।

क्या है आनासागर झील का इतिहास?

आनासागर झील का निर्माण 12वीं शताब्दी में चौहान राजा अर्णोराज (अनाजी) ने करवाया था। बता दें कि यह पृथ्वीराज चौहान के दादा थे। इस झील का नाम राजा अनाजी के नाम पर ही रखा गया है। झील का निर्माण वर्षा के पानी को संग्रहित करने और अजमेर शहर की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था।
झील का भूगोल और संरचना के बारे में जानें
आनासागर झील लगभग 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है, लेकिन इसका वास्तविक क्षेत्रफल समय और वर्षा पर निर्भर करता है। इस झील की गहराई मौसम के अनुसार बदलती रहती है, लेकिन औसत यह 4.42 मीटर गहरी है।
, इस झील के चारों ओर कुछ जरूरी संरचनाएं भी मौजूद हैं जैसे- बारादरी। इसे मुगल बादशाह शाहजहां के द्वारा बनवाया गया था। इसके अलावा, ये बारादरी झील के किनारे पर स्थित हैं और मुगल वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।

बारादरी- झील के पास बनी बिरादरी सफेद संगमरमर की बनी छतरियाँ हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। ये मुगल वास्तुकला का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती हैं और झील के दृश्य को और भी सुंदर बनाती हैं।

दौलत बाग- यह एक खूबसूरत बाग है, जिसे मुगल बादशाह जहांगीर ने बनवाया था। इस बाग को सुभाष उद्यान भी कहा जाता है। यहां से आनासागर झील का नज़ारा बहुत ही मनमोहक लगता है।

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