राजनीति और प्रशासन के बीच क्या है सम्बन्ध…

श्री राजनारायण शर्मा ने बच्चों को बताई अहम् बातें…

गर्वित शर्मा 

जयपुर : तीन दिवसीय बाल सरपंच अधिवेशन के दौरान आमेर विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नगर निगम अजमेर के पूर्व आयुक्त श्री राजनारायण शर्मा ने बच्चों से संवाद किया| यह संवाद सत्र इतना रोचक था कि बच्चों ने बढ़ – चढ़कर श्री शर्मा से सवाल पूछे| श्री शर्मा ने कहावतों, कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से बच्चों के सवालों के जवाब देते हुए उनके मन में उठ रही जिज्ञासाओं को शांत किया|
बच्चों ने सरकार की कई योजनाओं के बारे में श्री शर्मा जी से सवाल किये, उनके जवाब देते हुए उन्होंने “सूचना का अधिकार, जनसुनवाई, शामलाज” आदि अधिकारों के बारे में बताया| साथ ही उन्होंने कहा कि डिजिटल बाल मेला का प्लेटफ़ॉर्म बच्चों के लिए काफी सहायक है, यह बच्चों को कई जानकारियाँ दे रहा है|
अपने संबोधन के दौरान श्री राजनारायण जी ने बच्चों को सरकारी काम की ऑडिट, कैशबुक, ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी , जिला विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारीयों के बीच अंतर भी बताया| एक बच्चे के आरक्षण से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाने पर श्री शर्मा ने इसकी आवश्यकता के बारे में बताते हुए कहा – “जिस प्रकार हीरे को जमीन के अन्दर से निकलना होता है, उसी प्रकार प्रतिभा हर बच्चे के अन्दर होती है जिसे बस निकलने की जरूरत है| डिजिटल बाल मेला बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम कर रहा है|”
जनप्रतिनिधियों और अधिकारीयों को बैलगाड़ी के दोनों पहियों के सामान बताते हुए श्री राजनारायण शर्मा बोले – “जनप्रतिनिधि और अधिकारी साथ मिलकर यदि काम करेंगे तो देश आगे बढेगा और काम सरलता से होगा| इसके लिए जरुरी है दोनों में आपस में तालमेल हो| हमारे प्रजतान्त्र का यही मॉडल है जिसके होने से कोई भी निरंकुश नहीं हो सकता है|
बच्चों को अपनी जानकारी का विकास करने की सलाह देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि – “जानकर होना हमारा कर्तव्य है| जानकारी सबसे बड़ी शक्ति है और शक्ति से दुनिया पर राज किया जा सकता है| इससे बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है जो कि हर कार्य के लिए सहायक है|

गौरतलब है कि इस तीन दिवसीय बाल सरपंच अधिवेशन में राजस्थान के सभी संभागों से बाल प्रतिनिधि शामिल हुए थे| यह वही बाल प्रतिनिधि हैं, जिन्हें बाल पंचायतों में अपने साथियों ने मतदान कर चुना था| डिजिटल बाल मेला ने यूनिसेफ के साथ मिलकर “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत इन बाल पंचायतों का आयोजन किया था|
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि “मैं भी बाल सरपंच” अभियान की शुरुआत 15 अगस्त 2022 से हुई थी| डिजिटल बाल मेला इससे पूर्व भी राजस्थान विधानसभा में एतिहासिक बाल सत्र का आयोजन 14 नवम्बर 2021 को कर चुका है, जिसमें बच्चों ने ही मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्री और विधायक बनकर एक दिन के लिए विधानसभा की कार्यवाही संचालित की थी| राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने बच्चों को यह मौक़ा दिया था|
यदि आपका बच्चा भी प्रतिभावान है तो उसे जोड़ें डिजिटल बाल मेला से जहाँ उसकी प्रतिभा को मंच मिलेगा| डिजिटल बाल मेला से जुड़ने के लिए आप www.digitalbaalmela.com पर जाएँ या +918005915026 मोबाईल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिए आप हमारे सोशल मिडिया हैंडल्स को फॉलो करें|

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