बाल लेखिका अंजली।
हर वर्ष विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर छोटे बड़े कारखानों और विशेष तौर पर औजारों निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों और दुकानों की पूजा की जाती है। दरअसल विश्वकर्मा जी को यंत्रों का देवता भी माना जाता है। सभी लोग इस दिन औजारों की पूजा करते हैं बिजनेस और उद्योग के धंधे में लगे लोगों की तरक्की और उनकी अच्छी होती है विश्वकर्मा पूजा करने पर व्यापार और निर्माण कार्य में आने वाली सभी तरह की परेशानी दूर हो जाती है कारखाने में लगी मशीन पूरे साल सही तरीके से कार्य करती हैं।
पूजा विधि
सबसे पहले विश्वकर्मा जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ सुथरा कपड़े पहने और पूजा करें कारखाने ,प्रतिष्ठानों, हजारों और मशीनों आदि की साफ सफाई करके वहां पर विश्वकर्मा जी की मूर्ति को स्थापित करें और फिर उनकी पूजा करें।
विश्वकर्मा जी को दुनिया का पहला इंजीनियर माना जाता है धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था अंत में मैं आपसे यही कहना चाहती हूं कि इस दिन को खुशी मनाना चाहिए ।
अंत : आप सभी को विश्वकर्मा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
धन्यवाद।
डिजिटल बाल मेला ने नवंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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