जयपुर। अब तक आपने 18 साल से बड़ी उम्र के लोगों को वोट डालते देखा होगा, लेकिन कल बच्चों ने वोट डाला| बच्चों ने सिर्फ वोट ही नहीं डाला बल्कि अपने नेता का चुनाव भी किया| यह मौका था राष्ट्रीय, मतदाता दिवस 2023 का जिसके अवसर पर राजस्थान में एक एतिहासिक शुरुआत हुई| राजस्थान के सभी 33 जिलों में एक साथ आयोजित किये गए इस कार्यक्रम का पोस्टर जारी किया बीकानेर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक गौरव अग्रवाल ने | फ्यूचर सोसायटी और शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किये गए इस नवाचार में राजस्थान के सभी जिलों के सरकारी विद्यालयों का चुनाव किया गया|
बता दें कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने का काम हमारे सैनिक करते हैं। ठीक उसी तरह लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूक प्रहरी या मतदाताओं की जरूरत है। ऐसे में बच्चों को लोकतंत्र प्रहरी बनाने की दिशा में इस अभियान की शुरूआत की गई है। हमारे देश में वोटिंग प्रतिशत अभी भी बहुत कम है। चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरूआत की गई थी। आने वाले समय के मतदाताओं को वोटिंग की अहमियत समझाने और साझेदार बनाने के मकसद के साथ यह नया अभियान शुरू किया गया है।
पहली बार हुस अनूठा आयोजन
गौरतलब है कि मतदान का अधिकार 18 वर्ष से अधिक उम्र पर मिलता है। डिजिटल बाल मेला के इस अभियान में 8वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को जोड़ा गया, ताकि जब वे 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर लें तो मतदान से जुड़ी सभी जानकारियां उनके पास हो और वे जागरूक मतदाता के रूप में मतदान करें।
33 जिलों के बच्चे जुड़े ऑनलाइन
इस कार्यक्रम में 33 जिलों से बच्चे, शिक्षा विभाग के अधिकारी गूगल मीट से जुड़ें। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के निदेशक गौरव अग्रवाल 33 जिलों के बच्चों से जुड़ने के लिए गूगल मीट पर आए| जयपुर में यह कार्यक्रम गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में हुआ जिसकी अध्यक्षता विद्यालय की प्रिंसिपल कुमुद शर्मा ने की वहीँ जयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बच्चों को संबोधित किया | डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया की शिक्षा विभाग के साथ मिलकर यह कार्यक्रम राजस्थान के सभी सरकारी विद्यालयों में आयोजित किया जायेगा, और बच्चे लोकतंत्र की अलख जगाएंगे।

