शिमला की खुशी उनियाल ने हिंदी दिवस पर मातृभाषा का समझाया महत्व।

अंग्रेजी का प्रभाव हिंदी पर दबाव डालते जा रहा है।

बाल लेखिका खुशी उनियाल

“आज सारे बच्चे मिठाइयाँ लाए हैं ! वाह,खुशी तुम भी लाई हो? क्या यह निखालिस रूप में है ? ”
क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपकी हिंदी की अध्यापिका जी ने आपको कोई ऐसे शब्द से परिचित कराया हो, जो आपने ना बोला हो और ना ही आपको समझ आया हो? सच्चाई तो यह है कि हम इन शब्दों के बारे में जानते ही नहीं, क्योंकि आजकल की पीढ़ी आधुनिकता में ज्यादा विश्वास रखती है। ताकि हम देवनागरी लिपि में लिखी गई और भारत की राजभाषा हिंदी का महत्व समझे। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय के अनुच्छेद 343 ( 1 ) के तहत राष्ट्रभाषा दर्जा दिया गया परंतु लोगों के विरोध के चलते अंग्रेजी को राजभाषा का दर्जा देना पड़ा और अब इस का परिणाम हमारे सामने है। अंग्रेजी का प्रभाव हिंदी पर दबाव डालते जा रहा है। आजकल के लोग हिंदी बोलने में शर्माते हैं, परंतु मुझे लगता है कि इन लोगों की सोच गलत है, क्योंकि हिंदी बोलने से घबराना नहीं चाहिए । अगर लोग अभी देवनागरी की हिंदी को नहीं जान पाते हैं तो उन्हें जूझना पड़ेगा। इस समस्या में हम बच्चे भी मदद कर सकते हैं। हम लोगों में जागरूकता बढ़ा सकते हैं , ताकि वह अपनी दूसरी मातृभाषा को ना भूल जाए। अंत में मैं कहना चाहूंगी :
हिंदी बहुत महत्वपूर्ण है ,
समझो इसका मूल।
अगर अभी नहीं समझोगे ,
तो कर दोगे बड़ी भूल।
जैसे मां के बाद अध्यापिका ही होती है तुम्हारी दूसरी माता ,
हिंदी है तुम्हारी दूसरी मातृभाषा, क्या पता थी तुम्हें यह बात?
अ से अं तक है कुल स्वर , व्यंजनों को मिलाकर 52 कुल भर ।
हिंदी को ना बोलकर,
करो ना इसका अपमान।
आने वाले समय में ,
भारतीयों को यही दिलाएगी सम्मान।।
आने वाले समय में हिंदी ही देगी तुम्हारा साथ,
समझदार हो तो पकड़ लो हिंदी का हाथ ।
आओ साथ मिलकर हिंदी को लौटाए उसका अभिमान ,
हिंदी को चमकने दो, हिंदी दिखाएगी अपनी शान,
हिंदी दिखाएगी अपनी शान।।
धन्यवाद

डिजिटल बाल मेला बच्चों को हिंदी के प्रति जागरूक करना चाहता है साथ ही अपील करता है कि  बच्चे आधुनिकता की होड़ में अपने मातृभाषा को नहीं भूलें| बच्चों के लिए अपनी मातृभाषा “हिंदी” का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है|डिजिटल बाल मेला एक ऐसा मंच है जो बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रहा है| इसके लिए डिजिटल बाल मेला कई अभियानों का आयोजन कर चुका है| अपने बच्चे को डिजिटल बाल मेला से जोड़ने के लिए आप 8005915026 पर संपर्क करें|

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