आइए जानते हैं राजस्थान के पाली लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी पी.पी. चौधरी जी के बारे में।
आठ वर्ष की उम्र से आरएसएस के सदस्य हैं।
शिवाक्ष शर्मा।
राजस्थान की पाली लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश चौधरी उर्फ पी.पी. चौधरी जी
का जन्म 12 जुलाई 1953 को जोधपुर में एक किसान परिवार में हुआ था। पी.पी. चौधरी जी भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे आठ साल की उम्र में आरएसएस की शाखा में शामिल हो गए थे। पी.पी. चौधरी जी की प्रारम्भिक शिक्षा भी आरएसएस द्वारा ही प्रायोजित थी। पी.पी. चौधरी जी ने बी.एससी एवं जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय,जोधपुर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने 1978 से जोधपुर उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की। उन्होंने अपना पहला भारतीय आम चुनाव 2014 में पाली लोकसभा क्षेत्र से 4 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता और फिर 2019 में 5 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चौधरी जी को 2015 और 2016 में लगातार दो वर्षों तक ‘सांसद रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पी.पी. चौधरी ने 5 जुलाई 2016 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में कार्यभार संभाला व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ काम करते हुए 5 जुलाई 2016 से 30 मई 2019 तक कानून और न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री का पद भी संभाला। पी.पी. चौधरी जी को 3 सितंबर 2017 को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के लिए राज्य मंत्री का पद नामित किया गया था। 2019 में पी.पी. चौधरी ने विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद संभाला वही उन्हें व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक 2019 पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। पी.पी. चौधरी जी विभिन्न तरह के राजनीतिक एवं सामाजिक पद पर काबिज रहें है जैसे की,
सदस्य,व्यापार सलाहकार समिति, लोकसभा
सदस्य, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर
सदस्य, प्राक्कलन समिति, लोकसभा
सदस्य, सलाहकार समिति, गृह मंत्रालय, भारत सरकार। भारत की
सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति, लोकसभा
सदस्य, कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय संबंधी स्थायी समिति। सदस्य, अधीनस्थ विधान समिति, लोकसभा (1 सितंबर 2014 – 5 जुलाई 2016)
अध्यक्ष, लाभ के पदों पर संयुक्त संसदीय समिति, लोकसभा। सदस्य, सलाहकार समिति, वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, सरकार। भारत का (11 दिसंबर 2014 – 5 जुलाई 2016)
सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति – लोकसभा। सदस्य, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर सलाहकार समिति, वित्त मंत्रालय, सरकार। भारत के (29 जनवरी 2015 – 5 जुलाई 2016)
सदस्य, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2015 पर संयुक्त समिति (13 मई 2015 – 5 जुलाई 2016)
सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी समिति, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, लंदन, यूके (संघ शाखा – भारतीय संसद) (11 सितंबर 2015 – 5 जुलाई 2016)
सदस्य, दिवाला और दिवालियापन संहिता पर संयुक्त समिति (23 दिसंबर 2015 – 5 जुलाई 2016)
अध्यक्ष, फ़ेलोशिप समिति, लोकसभा (25 अप्रैल 2016 – 5 जुलाई 2016)
सदस्य, सुरक्षा हित के प्रवर्तन और ऋण कानूनों की वसूली और विविध प्रावधान (संशोधन) विधेयक, 2016 पर संयुक्त समिति (11 मई 2016 – 5 जुलाई 2016)
पी.पी चौधरी जी को राजस्थान का एक वरिष्ठ नेता माना जाता है। भाजपा द्वारा उनको पाली विधानसभा का टिकट देना एक सफल रणनीति की ओर इशारा करता है।
डिजिटल बाल मेला ने मार्च माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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