“बाल सरपंच” अधिवेश में बच्चों को समझाई प्रशासनिक बारीकियां ….
आदित्य शर्मा।
जयपुर। राजधानी जयपुर में पहली बार आयोजित हुए “बाल सरपंच” अधिवेशन में एडमा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अजमेर नगर नियम के पूर्व आयुक्त श्री राज नारायण शर्मा ने पंचायत व्यवस्था में बच्चों के अधिकारों और आडिट की अहमियत बताई। राजनीति में प्रशासन कैसे ताल–मेल बैठाए विषय पर बच्चों को संबोधित करते हुए रखते हुए आडिट, आरटीआई, जैसे कई अधिनियम बताए जिनसे बच्चे अपने ग्राम का विकास सुनिश्चित कर सके। बच्चों ने इस अधिवेशन में अपने सवाल भी मुख्य अतिथि से पूछे जिनके जवाब उन्होंने बड़ी ही सरलता से दिए।
डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए अभियान “मैं भी बाल सरपंच” द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय ” बाल सरपंच” अधिवेशन में राजस्थान के सभी संभागों के चयनित बाल प्रतिनिधि शामिल हुए है। यह बच्चे इनके ग्राम में लगी “बाल पंचायत” चुनकर आए है। उन्होंने पंचायत व्यवस्था की तकनीकी पैचिदगियों को विस्तार पूर्वक समझाया। इस मौके पर फ्यूचर सोसायटी से श्रीमती अंजना शर्मा और जयपुर शहर अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्रीमती अमृता चौधरी मौजूद रही।
26 दिसम्बर को बाल प्रतिनिधि राजस्थान सरकार के सामने सुझाव पत्र पेश करेंगे, जिसमें बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने हेतु सरकार का ध्यानाकर्षण किया जाएगा। इस प्रस्ताव में वह मुद्दे उठाए जाएंगे जो 10 “बाल पंचायतों” में बाल दावेदारों द्वारा उठाए गए थे और जिनकी बच्चों के जीवन में अहमियत है। डिजिटल बाल मेला का नवाचार रखने वाली जान्हवी शर्मा बताया कि इस बाल अधिवेशन में जयपुर में स्तिथ पंचायत, विधासभा जैसे भवन देखेंगे वही अल्बर्ट हॉल और हवामहल की सैर भी करेंगे।
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