“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से सीखें”- बल्ह मंडी विधायक इंदर सिंह गाँधी

“मज़दूरों की स्थिति में सुधार के लिये बाल विधायक, “बाल सत्र में रखें अपने सुझाव”

गर्वित शर्मा 

शिमला: बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के तहत बल्ह मंडी के विधायक श्री इन्दर सिंह गांधी ने बच्चों से संवाद किया| “मजदूर संघ – जरुरत और योगदान” विषय पर आयोजित हुई इस परिचर्चा में देशभर के 100 से भी अधिक बच्चों ने भाग लिया| लगभग 2 घंटे चले इस संवाद संत्र में बच्चों ने अपने प्रश्न मुखरता से पूछे जिनके जवाब भी मुख्य अतिथि ने बड़े ही रोचक तरीके से दिए|

इस सत्र के शुरुआत में बच्चों ने जब विधायक जी से उनके राजनीतिक जीवन के बारे में पूछा तो विधायक जी ने अपना राजनीतिक सफ़र बच्चों के साथ साझा किया| अपनी राजनीति के शुरूआती दौर को याद करते हुए श्री गाँधी बोले – “मैं एक निम्न वर्ग का आदमी था| मेरे माता – पिता मजदूरी किया करते थे| अपनी मेहनत और जनता के प्यार तथा विश्वास की वजह से ही मैं आज मुख्य अतिथि के रूप में आपके सामने बैठा हूँ|”

पर्श्नोत्तर –
प्रश्न 1. कांगड़ा के ज्वालामुखी की दिव्यांशी शर्मा ने पूछा कि मजदूरों के लिए इतने संगठन बने होने के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश के मजदूरों को अपने काम का पूरा दाम नहीं मिल रहा है| इस पर आप क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर – इस प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री गाँधी ने कहा कि इसमें मजदूरों की भी कहीं न कहीं गलती है| मजदूर, मजबूर होते हैं इसी वजह से वे लोग कम पैसे में काम करने को तैयार हो जाते हैं जो नहीं होना चाहिए| इसके साथ ही सरकार को भी मजदूरों की दिहाड़ी को बढ़ाना चाहिए ताकि वे अपना घर आसानी से चला सकें|

प्रश्न 2 – इस संवाद सत्र में राजस्थान के अजमेर से जुड़े अच्युतम तिवाड़ी ने “बाल मजदूरी को रोकने में भारत सरकार की विफलता” का मुद्दा उठाया|
उत्तर – इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्य अतिथि ने कहा – “केंद्र सरकार निरंतर इस विषय पर काम कर रही है|” साथ ही हिमाचल प्रदेश में हो रहे बाल श्रम को रोकने के लिए उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाने का आश्वासन दिया|

आज का लीडर

गौरतलब है कि इस सत्र का “लीडर” सिरमौर की गुनगुन ठाकुर को चुना गया जिन्होंने अपने प्रश्न से कैबिनेट मंत्री को प्रभावित किया. गुनगुन ने विधायक जी से पूछा कि अनाथ बच्चों को न चाहते हुए भी बाल श्रम करना पड़ता है| इसे रोकने के लिए सरकार किस तरह प्रयास कर रही है? इस प्रश्न के जवाब में श्री गाँधी ने कहा कि इन बच्चों के लए सरकार ने जगह – जगह स्कूल खोले हैं इतना ही नहीं इसमें से मेघावी विद्यार्थियों को सरकार नौकरियां भी देती है|

आपको बता दें कि इस ऑनलाइन सत्र का आयोजन हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के तत्वाधान में डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित और एल. आई. सी. द्वारा प्रायोजित “बच्चों की सरकार कैसी हो?” अभियान के तहत हुआ था जिसमें देशभर के बच्चों ने भाग लिया था| इसी अभियान के तहत 12 जून को शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन के सभागार में विशेष बाल सत्र का आयोजन होगा जिसमें 68 बच्चे मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, और विधायक के रूप में भाग लेकर विधानसभा की कार्यवाही का सञ्चालन करेंगे| इसी अभियान के तहत अब तक बच्चे, हिमाचल प्रदेश के कई बड़ी हस्तियों से संवाद कर चुके है| 16 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के विख्यात लोक – गायक श्री गोपाल शर्मा बच्चों से मुखातिब होंगे|

ग़ौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बच्चों को भविष्य के नेता बताते हुए इस अभियान की सफलता के लिये बधाई दी वहीं विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने ऐसे आयोजनों को बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिये ज़रूरी बताया है|

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