12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 68 बाल विधायकों ने लिया भाग…
शिवाक्ष शर्मा.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बना. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया था, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आए. इस कड़ी में फतेहपुर के साहिल कपूर को विपक्ष का विधायक बनने का मौका मिला। उन्होंने सदन में मुख्यमंत्री से सवाल किया कि शिमला, ऊना सोलन, और काँगड़ा में नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या और जिलों के संख्या इतनी अधिक क्यों है?
इस पर मुख्यमंत्री जाह्नवी ने जवाब दिया कि जिला उना, जिला सोलन और जिला काँगड़ा की सीमा पंजाब राज्य से लगती है, जिस कारण यहाँ नशे की तस्करी जिनमें मुख्य रूप से चिट्टा जिसे स्मैक भी कहा जाता है प्रबल है. इसके रोकथाम हेतु हमारी सरकार कड़े कदम उठा रही है. वहीं जिला शिमला राज्य का केंद्र है और यहाँ हमारे राज्य में नशे से लड़ रहे युवाओं की सुविधा हेतु 13 केंद्र मौजूद है.
इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं बतौर विशिष्ठ अतिथि राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, शामिल हुए. इस सत्र की ख़ास बात यह रही की बच्चों ने ही मुख्यमंत्री, नेता-प्रतिपक्ष, स्पीकर समेत सभी पदों की भूमिका निभाई व एक दिन के लिए राज्य की विधानसभा का संचालन किया।
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