मैं भी बाल सरपंच: पंचायती राज मंत्री के कार्य

Main Bhi Baal Sarpanch

तनय मिश्रा।

 

डिजिटल बाल मेला के अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के माध्यम से गाँव के बच्चों को पंचायती राज के बारे में जानकारी दी जाती है। भारत के गाँवों में शासन प्रणाली सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए देश में पंचायती राज अधिनियम की स्थापना की गयी थी। इसके लिए केंद्रीय स्तर के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी पंचायती राज मंत्रालय की स्थापना की गई हैं और इनके कई कार्य होते हैं।

जयपुर। भारत में लगभग 649,481 गाँव हैं। ऐसे में प्रत्येक गाँव में शासन व्यवस्था के सुचारु रूप से संचालन के साथ ही अन्य दूसरे कार्यों के लिए देश में पंचायती राज अधिनियम 1994 की स्थापना की गई है। इस अधिनियम के तहत न सिर्फ केंद्र सरकार में, बल्कि सभी राज्यों की राज्य सरकारों में भी पंचायती राज मंत्रालय की व्यवस्था की गई हैं। इसी के तहत डिजिटल बाल मेला ने गाँव के बच्चों के लिए “मैं भी बाल सरपंच” अभियान की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से बच्चों को पंचायती राज के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्रालय की ज़िम्मेदारी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के गिरिराज सिंह के पास है। वहीं आधुनिक भारत में पंचायती राज लागू करने वाले पहले राज्य राजस्थान की सरकार में पंचायती राज मंत्रालय की ज़िम्मेदारी वर्तमान में कॉंग्रेस के रमेश चंद मीणा के पास है। ऐसे में मन में यह सवाल उठना लाज़िमी है कि पंचायती राज मंत्री के क्या कार्य होते हैं? आइए उनपर एक नज़र डालते हैं।

क्या है पंचायत राज व्यवस्था?

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री के कार्य

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री के कन्धों पर पूरे देश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास की ज़िम्मेदारी होती है। ऐसे में देश के ग्रामीण क्षेत्रों और उनकी पंचायतों से जुड़े विभिन्न कार्य इस मंत्रालय की ज़िम्मेदारी हैं। जैसे कि सामजिक न्याय और अधिकारिता, कृषि सहयोग और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस आदि। इतना ही नहीं, पंचायतों से जुड़े अन्य दूसरे कार्य जैसे कि जल शक्ति, जनजातीय कार्य, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, कृषि सहकारिता और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास भी केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के कार्यों में शामिल हैं। इसके साथ ही इन कार्यों और योजनाओं के सुचारु रूप से संचालन के लिए अनुदान राशि से जुड़े सभी प्रस्ताव भी केंद्रीय पंचायती राज मंत्री द्वारा ही प्रस्तावित किए जाते हैं।

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राज्य पंचायती राज मंत्री के कार्य

राज्य पंचायती राज मंत्री के कन्धों पर राज्य के सभी गाँवों की पंचायतों की ज़िम्मेदारी होती होती हैं। ऐसे में राज्य पंचायती मंत्रालय यह सुनिश्चित करता है कि सभी पंचायतों को उनसे सम्बंधित गांवों में सफाई, साफ पानी, शिक्षा सुविधाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन, संरक्षण मेलों और उत्सवों के आयोजन आदि कार्यों के लिए अनुदान राशि और दूसरी सभी सहायता समय पर मिले। राज्य पंचायती राज मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करता है कि ग्राम पंचायतों और सरकार के बीच परस्पर समन्वय और सहयोग बना रहे।

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डिजिटल बाल मेला “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के माध्यम से बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है। इस अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करता है, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायत राज प्रणाली पर संवाद करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस अभियान में कई तरह के सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इससे पहले डिजिटल बाल मेला “शेड्स ऑफ कोविड” पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन कर चुका है।

“मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ने के लिए आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….

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