12 जून को स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में हुआ था बाल सत्र का आयोजन
साक्षी ठाकुर.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बना. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया था, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आए. लाना चेता के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रही कशिश का चयन भी इस सत्र के लिए किया गया था जिसमें वो विपक्ष के विधायक की भूमिका निभाती नज़र आई.
कशिश द्वारा सदन में एक बहुत महत्वपूर्ण बात को उभारा गया जो कि थी ‘महिलाओं की राजनीति में सहभागिता’. इस बात को सहजता से रखते हुए वे बोली कि -” आज में एक मुद्दे पर चर्चा न करते हुए मैं चर्चा करना चाहूंगी अधिकारों की, अवसर की, समानता की और प्रतिनिधित्व की. सभापति महोदय,आप जानते ही आज इस सदन की ख़ास बात क्या है? जहाँ आम-तौर पर इस सदन में मात्र एक महिला विधायक प्रदेश की 30 लाख महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती नज़र आती है, वही आज इस सदन में 40 महिला बाल सदस्य मौजूद है. माननीय स्पीकर सर इससे यह पता चलता है की महिलाएं राजनीति में आने की कितनी इच्छुक है. परन्तु हमारे समाज और लोकतंत्र की बुनियादी खराबियों के चलते उन्हें आने से रोका जाता है, ऐसे में सरकार को अब जरूरत है की महिलाओं को राजनीति में लाने के लिए प्रयास किये जाए. अगर सरकार प्रदेश की 50 प्रतिशत आबादी को प्रतिनिधित्व दिलाने में सफल नहीं रही तो विकास और लोकतंत्र में लिखे अधिकार, समानता और संप्रभुता मात्र लिखे जाने के पात्र है उन्हें हमारे द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता|
इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं बतौर विशिष्ठ अतिथि राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, शामिल हुए . इस सत्र की ख़ास बात यह रही कि बच्चे ने ही मुख्यमंत्री, नेता-प्रतिपक्ष, स्पीकर समेत सभी पदों की भूमिका निभाई व एक दिन के लिए राज्य की विधानसभा का संचालन किया|
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