लिटिल एंजेल्स स्कूल, वार्ड 53 के कक्षा 3 के छात्र आयुष कुमार की पेंटिंग को कौन बनेगा बाल पार्षद कार्यक्रम के तहत डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हैरिटेज के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन पर आधारित बच्चों की अनूठी रचनाएँ प्रस्तुत की गईं।
पेंटिंग की विशेषताएँ:
आयुष की इस पेंटिंग में स्वच्छ भारत के संदेश को खूबसूरती से दर्शाया गया है। पेंटिंग के बाएँ हिस्से में “Swachh Bharat” और दाएँ हिस्से में “Clean India” लिखा गया है, जो यह संकेत देता है कि स्वच्छता न केवल एक राष्ट्रीय लक्ष्य है, बल्कि यह वैश्विक जागरूकता का भी हिस्सा है।
पेंटिंग की पृष्ठभूमि में तिरंगे की छटा दिखाई गई है, जिससे राष्ट्रीय गौरव का भाव प्रकट होता है। वहीं, ऐतिहासिक धरोहरों के साथ लोगों की परछाइयाँ (सिल्हूट) इस बात को दर्शाती हैं कि हम सभी को अपने ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
बच्चों की सोच, स्वच्छ भारत की ओर एक मजबूत कदम
आयुष की यह पेंटिंग यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल घरों और गलियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है। यह पहल बच्चों को जागरूक करने और स्वच्छता के प्रति उनका जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
जयपुर के लिए प्रेरणादायक पहल
कौन बनेगा बाल पार्षद कार्यक्रम के अंतर्गत जयपुर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अपनी समझ को उजागर किया। डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हैरिटेज की यह संयुक्त पहल बच्चों को नेतृत्व के अवसर देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

