बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के तहत दिया सरकार को सुझाव…
आदित्य शर्मा.
जयपुर. क्या आपको भी बिजली के खम्बे पर लटके सांप नुमा तारों से डर लगता है, या आप बेहूदा गाड़ी चालकों से परेशान है, तो डरिये नहीं, 13 वर्षीय अक्षरा शर्मा ने इन्हें बहाल करने का रास्ता खोज निकला है. जी हाँ, लोटस इंटरनेशनल कान्वेंट विद्यालय रक्कड़ की विद्यार्थी अक्षरा शर्मा सरकार का हिस्सा बनते ही, “ईज़ ऑफ़ लिविंग” मंत्रालय का गठन करेंगी.
सुझाव-
इसके तहत वह घरों में गैस लाइन के ज़रिये गैस, रोड पर एक दुरी और सुन्दरता से लगे रोड लाइट के खम्बे, वो भी अंडरग्राउंड वायरिंग के साथ, ड्राइविंग लायसेंस का हर साल पंजीकरण और चालान के बजाये सीधे जब्त जैसी योजनाएं जनता के लिए लायेंगी. इस मंत्रालय में शहर के सौंदर्यीकरण से लेकर जनता का “लिविंग स्टैण्डर्ड” बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
गौरतलब है कि अक्षरा ने अपना सुझाव डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित, LIC द्वारा प्रायोजित बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान में भेजा है. हिमाचल शिक्षा विभाग के तत्वाधान में हो रहे इस अभियान के तहत का आयोजन होना है. इसका भाग बनने के लिए 8-17 वर्ष के बच्चे अपने सुझाव भेज रहे है, और इन्हीं सुझावों के आधार पर उनका चुनाव होना है. बता दें की यह विधानसभा “बाल सत्र” एच.पी स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया के सहयोग से संभव हुआ है.
आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के लिए सरकारी, निजी, और विद्यालय न जाने वाले बच्चे भी एक दम मुफ्त रजिस्टर कर सकते है. पर ध्यान रहे 15 मई 2023 इस अभियान में पंजीकरण हेतु आखिरी तारीख है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बच्चों को यह वीडियो हमारी वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर करनी आवश्यक है.
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