बाल सरपंचों को बताएँगे “निर्दलीय विधायक के सामने क्या होती है चुनौतियाँ”
आदित्य शर्मा|
जयपुर। 14 दिसंबर को डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए अभियान “में भी बाल सरपंच” के तहत एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया जाएगा। शाम 5 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अजमेर संभाग से किशनगढ़ विधायक सुरेश टाक रहेंगे।
इस ऑनलाइन सत्र में उनके साथ राजस्थान के 7 संभागों से चुनकर आए बाल सरपंच, बाल उपसरपंच और बाल पंच भी शामिल होंगे| जिन्हें विधायक अपनी राजनीतिक सफ़र से अवगत कराएँगे और बताएँगे की राजनीतिक दलों में रहते हुए राजनीति करना और निर्दलीय विधायक रहकर राजनीति करने में क्या अंतर है | गौरतलब है की सुरेश टाक किशनगढ़ के बहु प्रचलित मार्बल अद्योग से भी जुड़े हुए है| मुख्य अतिथि सुरेश टाक 2018 में पहली बार विधायक बने, वह भी बिना किसी पार्टी बैनर के|
वह इस सत्र में यह भी बताएंगे की एक निर्दलीय विधायक और पार्टी के विधायक की कार्यशैली में क्या अंतर होता है व् साथ ही वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में सरकारी योजनाओं तक पहुंचाने में कितना सफल होते है| आपकी जानकारी के लिए बता दें की इन सत्रों में जुड़ने वाले बच्चे राजस्थान की अलग अलग ग्राम पंचायतों से चुने गए है।
“मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत, हम राजस्थान के सभी संभागों में बाल पंचायतों का आयोजन कर चुके है| अब इस अभियान के दूसरे पड़ाव में चुने गए बच्चे राजस्थान के विधायकों से सीधा संवाद कर रहे है| इस सत्र में 5 दिसम्बर को भी एक ऑनलाइन सत्र कराया गया था जिसमें फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत और 8 दिसम्बर को नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई मौजूद थे| डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया की अगला सत्र 15 दिसम्बर को जयपुर के विधायक कालीचरण सर्राफ के साथ किया जाएगा।
यदि आपका बच्चा भी नेतृत्व की क्षमता रखता है और “बाल सरपंच” बनकर अपने गाँव का विकास करना चाहता है तो आज ही वीडियों बनाकर भेजें डिजिटल बाल मेला के मोबाइल नंबर +918005915026 पर| अधिक जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –
फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
इन्स्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela
ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela
यूट्यूब – https://bit.ly/3xRYkNz

