‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ कार्यक्रम: बच्चों ने ली स्वच्छता की शपथ, पार्षद प्रतिनिधि ने दिया जागरूकता का संदेश…

‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ कार्यक्रम: बच्चों ने ली स्वच्छता की शपथ, पार्षद प्रतिनिधि ने दिया जागरूकता का संदेश
जयपुर, 20 जनवरी 2025: ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ कार्यक्रम के अंतर्गत आज राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गलता गेट जयपुर वार्ड संख्या 78 में एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हेरिटेज की इस अनोखी पहल का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर की गई। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग करेंगे, अपने घर और विद्यालय को स्वच्छ रखेंगे, और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
पार्षद प्रतिनिधि राजा जी ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे देश में 500 से अधिक जिले हैं, लेकिन एशिया में ‘क्लीन सिटी’ के लिए पहला स्थान केवल इंदौर ने हासिल किया है। हमें भी ऐसी आदतें अपनानी होंगी, जहाँ हम कचरा इधर-उधर न फैलाएँ और जयपुर को स्वच्छता में पहले स्थान पर लाएँ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक बार रामलीला मैदान में एक छोटा परंतु महत्वपूर्ण संदेश दिया था, जब उन्होंने तिलक के बाद उपयोग किए गए टिश्यू को अपनी जेब में रख लिया। हमें भी यही सीखना है कि हम अपनी जिम्मेदारी समझें और कचरा सही जगह पर डालें। यदि हम स्वच्छता को अपनी आदत बनाएँगे, तो हमारा शहर भी स्वच्छ और सुंदर बनेगा।”
विद्यालय की प्रधानाचार्य एल सी मीणा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “स्वच्छ तन, स्वच्छ मन और स्वच्छ समाज की शुरुआत हमेशा घर से होती है। आप लोग जब अपनी कक्षा में होते हैं, तो अक्सर कागज या खाने के छिलके फेंक देते हैं। अब से अपनी कक्षा में रखे डस्टबिन का उपयोग करें। गीले कचरे को हरे डब्बे में और सूखे कचरे को नीले डब्बे में डालें ताकि उनका सही निस्तारण हो सके। सॉलिड वेस्ट का सही प्रबंधन करके हम जैविक गैस जैसे संसाधन भी बना सकते हैं, जिसमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं होता। स्वच्छता को हमें अपनी जिम्मेदारी समझकर अपनाना चाहिए।”
कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वच्छता को अपनी आदत बनाने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को प्रेरित किया, बल्कि उन्हें यह समझाया कि छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हेरिटेज की यह पहल युवाओं में नेतृत्व के गुण विकसित करने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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