बच्चों से संवाद में बोले लोक संगीत को बढ़ावा देने में समाज का साथ ज़रूरी…
आदित्य शर्मा.
जयपुर. मंगलवार को देश भर के बच्चों ने हिमाचली लोकगीतों का आनंद लिया एवं लोकगीतों का संरक्षण कैसे किया जा सकता है यह जाना. यह मौका था Digital Baal Mela के अभियान Bacchon Ki Sarkar kaisi Ho? के तहत आयोजित संवाद सत्र का. इसमें बतौर मुख्य अतिथि Himachal के प्रसिद्ध गायक गोपाल शर्मा एवं संगीतकार राजेंद्र आचार्य ने शिरकत की. “स्थानीय भाषा में गायन सफलता एवं चुनौतियां” विषय पर हुए इस संवाद सत्र में हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” के दावेदार 200 से ज्यादा बच्चे मौजूद रहे.
गायक गोपाल शर्मा के साथ संवाद सत्र के दौरान क्या हुआ जाने-
इस विशेष संवाद सत्र की शुरुआत में मुख्य अतिथि Gopal Sharma एवं Rajendra Acharya ने अपना गायन सफ़र बच्चों से साझा किया. उन्होंने बताया कि आज के आधुनिक युग में वह कैसे अपनी स्थानीय भाषा के गीतों को जिंदा रखे हुए है. इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से लोक कलाकारों के प्रति रवैये में सुधार की बड़ी ज़रूरत बताई. सत्र में मौजूद बच्चों ने अपने सवालों का पिटारा खोला और एक-एक कर कई सवाल मुख्य अतिथि से पूछे जिनका उत्तर श्री गोपाल शर्मा और राजेंद्र आचार्य जी ने दिया.
बच्चों द्वारा पूछे गए कुछ सवाल-
सवाल- मंडी निवासी ममता ठाकुर ने अतिथियों से पूछा कि ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं ही मुश्किल से पूरी हो पाती है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बसने वाले हुनर को कैसे दुनिया के सामने लाया जा सकता है?
जवाब- इसका जवाब देते हुए मुख्य अतिथियों ने बताया कि व्यक्ति को उपलब्ध सुविधाओं में ही अवसर की खोज करनी चाहिए.वर्त्तमान में ज़्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट है, ऐसे में सोशल मीडिया ग्रामीण क्षेत्रों में बसे हुनर को बहार लाने का अच्छा साधन है.
सवाल- बिहार की सृष्टि रानी ने सवाल करते हुए पूछा कि कई लोकगीतों में अश्लीलता भी देखने को मिलती है ऐसे में बच्चों पर गलत प्रभाव होता है, इस समस्या पर आपकी क्या राय है?
जवाब- इसका जवाब देते हुए गायक गोपाल शर्मा जी ने कहा कि जिस प्रकार में दिन और रात दोनों होते है, रंगों में सफ़ेद और काला दोनों है उसी प्रकार लोकगीतों में भी अच्छे और बुरे लोकगीत मौजूद है. इसलिए आपको मात्र अच्छाई की ओर देखना चाहिए बुराई को नजरअंदाज करते हुए.
बच्चों के सवालों के जवाब देते मुख्य अतिथिबच्चों के सवालों के जवाब देते मुख्य अतिथि
सत्र का लीडर कौन बना?
गौरतलब है कि सृष्टि के प्रश्न से प्रभावित हो कर मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा एवं श्री राजेंद्र आचार्य ने Srishti Rani को सत्र का लीडर घोषित किया. इतना ही नहीं सत्र में अजमेर निवासी अच्युतम तिवारी ने बांसुरी बजा सत्र में मौजूद अतिथि और बच्चों का मनोरंजन किया. इस के साथ ही कई बच्चों ने लोकगीतों के संरक्षण हेतु सवाल उठाये. इसके जवाब में अतिथि का कहना था की जब समाज अपने लोक कलाकारों को सुनेगा और कलाकारों को प्रोत्साहित करेगा तब जा कर हमें संरक्षण मिलेगा. Bollywood एवं Hollywood के गीतों के प्रसिद्ध होने पर उनका कहना था की सरकार अगर लोक कलाकारों को उचित संसाधन मुहैया करें तो लोक गीत भी विश्वस्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते है.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र”-
इस सत्र के दौरान डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा एवं को-फाउंडर प्रिया शर्मा भी मौजूद थी. उन्होंने बता कि यह संवाद सत्र D.B.M और L.I.C की पहल बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के तहत आयोजित किया गया है. हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के तत्वाधान में हो रहे इस अभियान के चलते 12 जून को Himachal Pradesh Vidhansabha “Baal Satra” का आयोजन होगा, जिसमें देश-भर से 68 बाल प्रतिनिधि शिरकत करेंगे, और सघन बाल मुद्दों की ओर सरकार और समाज का ध्यानाकर्षण करेंगे.
शिमला में स्थित विधानसभा भवन में आयोजित इस विशेष “बाल सत्र” का आयोजन एच.पी विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया एवं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सानिध्य में किया जाएगा. बता दें कि इन संवाद सत्रों की श्रृंखला में अगले अतिथि विधायक केवल सिंह पठानिया बच्चों से जुड़ेंगे.
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