यह है टॉप-5 सुझाव जो बना सकते है शून्यकाल में अपनी जगह…
आदित्य शर्मा.
जयपुर. हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के तत्वाधान में हो रहे अभियान बच्चों की सरकार कैसी हो? के रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र 5 दिन शेष है. इसके बाद जल्द ही हमें 68 “बाल विधायकों” की सूची मिलेगी जो अपने मुद्दे एल.आई.सी द्वारा प्रायोजित हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” में उठाएंगे. हमें देश भर के बच्चों के सुझाव मिल रहे है, कोई शिक्षा मंत्री बन शिक्षा पद्धति में बदलाव लाना चाहता है तो कोई वन मंत्री बन अपने पर्यावरण के संरक्षण हेतु कटिबद्ध है. इन “बाल विधायक प्रत्याशियों” के घोषणा पत्र में कुछ सुझाव ऐसे भी है जिन्हें शून्य काल में जगह मिल सकती है,
किस बच्चे का सुझाव उठेगा हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” में…..
पहला सुझाव, पूर्णिमा राय-
हिमाचल के ऊपरी इलाकों में ठंड के समय बर्फ और शून्य के नीचे तापमान के चलते सर्दी की छुट्टियाँ एक महीने तक बढ़ाने की मांग सरकार से की. इन छुट्टियों में होने वाले पढाई के नुकसान की भरपाई गर्मी की छुट्टियों को कम कर करने का प्रस्ताव अपनी एंट्री में रखा.
दूसरा सुझाव, अक्षरा राणा-
अपने सुझाव में कहा कि सरकारी विद्यालय में तमाम शिक्षक है परन्तु है कुछ ऐसे शिक्षक भी है जिनमें पढ़ाने की लगन होती है. वह अपने बच्चों को तर्क समझाने हेतु नए तरीके खोजते रहते है ऐसे शिक्षकों को समय पर सम्मान और प्रोत्साहन राशि सरकार को देनी चाहिए. इससे और शिक्षक भी प्रेरित होंगे.
तीसरा सुझाव, शगुन-
अपने सुझाव में बताया कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी क्षेत्र है जिसमें पर्यटन की असीमित संभावनाएं है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हिमाचल सरकार को गांवों में पर्यटन बढाने के रास्ते खोजने चाहिए. इससे बेरोजगारी, विकास और प्रवास की समस्या को कम किया जा सकेगा.
चौथा सुझाव, वैशाली-
अपने सुझाव में बताया कि आज के समय में ऐसे कई सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय है जिनमें खेल पाठ्यक्रम का नाम मात्र के लिए हिस्सा है. ऐसे में सरकार को खेलों को बढ़ावा देने एवं भावी पीढ़ी के शारीरिक विकास हेतु विद्यालय में हर हफ्ते खेल प्रतियोगिता का आयोजन हेतु प्रसताव पारित करना चाहिए. इससे भावी पीढ़ी का शारीरिक विकास होगा, देश को अच्छे खिलाडी मिलेंगे एवं सरकार द्वारा मुहैया खेल संसाधनों का उपयोग होगा.
पाँचवाँ, आशिता-
स्वास्थ्य पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जब तक राज्य सरकार सभी ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन हेतु सुद्रद व्यवस्था कर रही है, तब तक हर ग्राम में स्वास्थ्य शिविर के आयोजन हेतु सरकार काम करें. इस से स्वास्थ्य विभाग का खर्च कम होगा साथ ही सीमित संसाधनों में जन सुविधा उपलब्ध की जा सकेगी.
बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान-
गौरतलब है कि बच्चों ने यह सुझाव डिजिटल बाल मेला की पहल बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के तहत दिया है और अब देखना यह होगा की इन बच्चों में से किस का सुझाव विधानसभा “बाल सत्र” में मुद्दा बन उठेगा. बता दें कि इस सत्र का मौका एच.पी विधानसभा स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने बच्चों को दिया है और इस सत्र में मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी बच्चों का मनोबल बढ़ाने हेतु मौजूद रहेंगे.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बच्चों को यह वीडियो हमारी वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर करनी आवश्यक है.
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