12 जून को स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में होगा आयोजन…
आदित्य शर्मा.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बनने जा रहा है. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया है, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. अब यह “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आएंगे. बिलासपुर के लिए यह गर्व की बात होगी, क्योंकि ग्लोरी पब्लिक विद्यालय, की कक्षा 9 में पढ़ रही चारुप्रिया का चयन भी इस सत्र के लिए किया गया है.
14 वर्षीय चारूप्रिया ने अपनी वीडियो एन्ट्री डिजिटल बाल मेला को भेजी थी जिसमें उन्होंने विशेष “बाल सत्र” में शिक्षा मंत्री के लिए अपनी दावेदारी पेश की. उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा को सुधारना है तो पहले हमें शिक्षकों की गुणवत्ता के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना होगा. इसके बाद शिक्षा निति में बदलाव कर, शिक्षा को व्यवहारिक बनाकर बच्चों को रोजगार हेतु तैयार करना होगा. 6 जून को यह पता चलेगा की हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र में क्या चारूप्रिया क्या शिक्षा मंत्री बनकर अपनी बात रख पाएंगी या विपक्ष में खड़े हो कर शिक्षा मंत्री के सामने अपने प्रस्ताव रखेंगी.
अब “विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर वह अपने इस मुद्दे को सत्र में सरकार और समाज के सामने रखेंगी. बता दें कि इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं बतौर विशिष्ठ अतिथि राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, शामिल होंगे. इतना ही नहीं नेता-प्रतिपक्ष श्री जयराम ठाकुर, समस्त कैबिनेट और विधानसभा सदस्य भी सत्र में शिरकत करेंगे. इस सत्र की ख़ास बात यह होगी की बच्चे ही मुख्यमंत्री, नेता-प्रतिपक्ष, स्पीकर समेत सभी पदों की भूमिका निभाते हुए एक दिन के लिए राज्य की विधानसभा का संचालन करेंगे.

