जानें- किसने निभाई हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” में प्राथमिक शिक्षा मंत्री की भूमिका।

Child Education Minister

कौन है कुल्लू की कामाख्या कौंडल…

साक्षी ठाकुर.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बना. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया है, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आएंगे. कुल्लू के कैम्ब्रिज इंटरनेशनल विद्यालय में पढ़ रही कामाख्या का चयन भी इस सत्र के लिए किया गया है.

जिसमें वह प्राथमिक शिक्षा मंत्री की भूमिका निभाते हुए नज़र आई जिसमें उन्होंने करियर काउंसलिंग से जुड़े सवालों का बहुत सहजता से उत्तर देते हुए कहा कि -“माननीय महोदय, मैं सदन को बता दूँ की करियर काउंसलिंग का मुद्दा सरकार के पास पहली बार आया है, और इस विषय की बच्चों के जीवन में अहमियत समझते हुए, मैं हमारे विभाग के अधिकारियों से इस विषय पर अवश्य ही चर्चा करुँगी. करियर काउंसलिंग व्यवस्था को जल्द से जल्द प्रदेश में लागू करने के प्रयास विभाग द्वारा किये जाएंगे. मैं माननीय सदस्य से आग्रह भी करुँगी की बेहतर व्यवस्था के लिए आपके विचार भी हमारे विभाग से साझा करें”.

कामाख्या ने अपनी एन्ट्री डिजिटल बाल मेला को भेजी थी जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिसमे उन्होंने बताया की देश की नई शिक्षा नीति में शिक्षको के लिये हो बदलाव क्योकी देश का शिक्षक मजबुत होगा तभी देश विकास करेंगा .“विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर उन्होंने अपने इस मुद्दे को सत्र में सरकार और समाज के सामने रखा. इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हुए।

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