घर और विद्यालयों में किया जा रहा सम्मान…
आदित्य शर्मा.
शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग के तत्वाधान में डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” के “बाल विधायकों” को खूब प्यार और सम्मान मिल रहा है. 12 जून को आयोजित इस ऐतिहासिक “बाल सत्र” से लौट, जब बच्चे अपने गृह जिले पहुंचे तो किसी के रिश्तेदारों ने उन्हें माला पहना स्वागत किया तो किसी के विद्यालय में शिक्षकों द्वारा उनका सम्मान किया गया.
कसौली के सैंट मेरी कान्वेंट विद्यालय के तुषार आनंद बताते है कि जब उन्होंने विधानसभा “बाल सत्र” में उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभाई तो उनके क्षेत्र कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी खुद उनके पास आये और उनके साथ सेल्फी ली. इसी के साथ मंडी की आरजू शर्मा के स्वागत हेतु विद्यालय में कार्यक्रम रखा गया जहाँ उन्हें सम्मानित किया गया. घुमारवीं के हिम सर्वोदय विद्यालय में पढ़ रहे कामेश डोगरा के स्वागत हेतु भी विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहाँ उन्हें नकद राशी भेंट की गई और हिमाचल की शान हिमाचली टोपी पहना कर उनका सम्मान किया गया.
डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया कि इन बच्चों सहित देश भर के 68 बाल विधायक “बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर शिमला स्थित विधानसभा भवन पहुंचे थे. जहाँ उन्होंने प्रश्नकाल और विधानसभा के नियम 324 के तहत सरकार पर प्रश्न खड़े किये एवं सरकार को सुझाव दिए. इस विशेष बाल सत्र की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के विधानसभा स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने कि, जिन्होंने अपने स्वागत संबोधन में इस सत्र के आयोजन हेतु डिजिटल बाल मेला की टीम को बधाई दी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस “बाल सत्र” में चयनित बच्चों का चयन 1,108 बच्चों में से किया गया था. इन बच्चों ने 25 मई तक बच्चों की सरकार कैसी हो? विषय पर अपन वीडियो बना “बाल मेला” की वेबसाइट पर रजिस्टर की थी. चयन प्रक्रिया के तहत 30 जजेस का पैनल गठित किया गया और उनके द्वारा बच्चों की एंट्रीज़ का मूल्यांकन हुआ. बता दें कि यह बाल सत्र देश का दूसरा व हिमाचल प्रदेश का पहला बाल सत्र था.
अधिक जानकारी के लिए आप हमारे सोशल Media Handle’s फॉलो करें|
फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
इन्स्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela
ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela
यूट्यूब –

