रोकथाम हेतु सरकार को दिए सुझाव…
आदित्य शर्मा.
शिमला. हिमाचल प्रदेश के किन्नौर निर्वाचन क्षेत्र से चयनित ईवा भरद्वाज ने अपने क्षेत्र की बड़ी समस्या को सदन में उठाया. यह मौका था 12 जून को आयोजित ऐतिहासिक विधानसभा बाल सत्र का, जिसमें 68 बाल विधायक, देश भर के बच्चों का प्रतिनिधित्व करने के लिए सदन में मौजूद रहे. 28 लड़कों एवं 40 बालिकाओं द्वारा विधानसभा के सदन में बैठ प्रश्नकाल और नियम 324 की कार्यवाही का संचालन किया गया.
बाल विधायिका ईवा द्वारा दिया गया सुझाव-
सत्र में नियम 324 के तहत 14 वे स्थान पर बाल विधायिका ईवा को अपना सुझाव रखने का मौका दिया गया, जिसके तहत उन्होंने सदन के सामने अपने निर्वाचन क्षेत्र किन्नौर में हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स के कारण हो रहे भूस्खलन का मुद्दा रखा. उन्होंने बताया कि किन्नौर एक पहाड़ी क्षेत्र जिसमें नदी भी बहती है, ऐसे में सरकार ने कई छोटे-बड़े हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट्स की अनुमति प्रदान कर रखी है. जब यह प्रोजेक्ट् सेट किया जाते है तो पहाड़ों को अत्यधिक काटा जाता है, जिसकी वजह से आये दिन या तो भू-स्खलन होता है या पहाड़ धँस जाते है.
इसके लिए सरकार को सुझाव दिया कि- सरकार को प्रदेश में सोलर पावर प्रोजेक्ट को स्थापित करना चाहिए एवं इसके लिए सब्सिडी मुहैया की जाए. पहले से चल रहे हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट को सरकार को अपने अधीन ले उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि निजी संस्थाएं इनसे मुनाफा तो कमाती है पर वह जनता पर इन प्रोजेक्ट्स से पड़ रहे प्रभाव पर कोई ध्यान नहीं देती है.
डिजिटल बाल मेला की को-फाउंडर प्रिया शर्मा ने बताया कि हिमाचल के पहले बच्चों की आवाज़ राजस्थान विधानसभा में भी गूंज चुकी है. जी हाँ 2021 नवम्बर 14 को राजस्थान देश के पहले बाल सत्र का साक्षी बना था. इस बाल सत्र में देश भर से 200 बाल विधायकों द्वारा प्रश्नकाल और शून्यकाल की प्रक्रिया के तहत सदन को चलाया. विधानसभा भवन में हुए इस ऐतिहासिक बाल सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर लोक सभा के अध्यक्ष श्री ओम बिरला पधारे, एवं उन्होंने अपने संबोधन में बच्चों को लोक सभा आने का मौका भी दिया.
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