जीवन अनमोल है,इस का आदर करे अंत नहीं..
बाल लेखक, सैयद फरहान हैदर
{विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 10/09/2023}
इंसान जब जीवन की सारी बंधन और फंदों से स्वतंत्र होने के चाह में जीवन के आखरी फंदे से झूल जाता है तो उसे आत्महत्या कहते हैं। यानी स्वयं ही स्वयं के अस्तित्व का अंत करना। यह एक गंभीर समस्या है।
इस समस्या से सब को अवगत कराने और जीवन के महत्व को रेखांकित करने के लिए ही इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंटेशन (आई•ए•एस•पी)और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 10 सितंबर 2003 मे विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की शुरुआत की ।
वैश्विक अस्तर पर हर साल 15 से 44 वर्ष के 10 लाख लोग खुदकुशी से अपनी जीवन का अंत कर देते हैं। वहीं भारत मे लगभग 8 लाख लोग हर साल आत्महत्या करते हैं। हर 40 सेकंड में दुनिया में एक आत्महत्या होती है। इन में छात्र,किसान से लेकर हर वर्ग के लोग हैं। भारत में सबसे ज्यादा आत्महत्या महाराष्ट्र में होती है। ये भयावह है कि हर साल आत्महत्या के मामले बढ़ते ही जा रहे है।
हाल ही में राजस्थान के कोटा से छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। साल के शुरू से अब तक कुल 24 छात्रों ने आत्महत्या की। परीक्षा में कम अंक,माता – पिता के डर और पढ़ाई के दबाव में आकर छात्रों में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बच्चो में भी आजकल तनाव बढ़ रहा हैं, माँ बाप छोटे- छोटे बच्चो को पढ़ाई और शिष्टाचार सिखाने के चक्कर में उन पर किताबों का बोझ लाद देते है । माता पिता के डर के कारण बच्चे अपने समस्याओं को उन से कह नहीं पाते।
गरीबी और सामाजिक दबाव में आकर भी कई लोग मौत को गले लगाने पर मजबूर हो जाते हैं। कुछ संवेदनशील घटनाओं के होने से समाज में इज्जत कम हो जाने के कारण भी लोग आत्महत्या करते हैं। कई बार पीड़िता या पीड़ित भी अपने साथ हुए अपराध के बारे में शर्मिंदगी महसूस करते है और बर्दाश्त नहीं कर पाने के वजह से आत्महत्या कर बैठते हैं।
घरेलू एवं पारिवारिक तनाव भी आत्महत्या का एक बड़ा कारण है। दरअसल,आज लोग स्वयं में सीमित हो गए हैं जिस कारण लोग अपना दुःख बांट नही पा रहे हैं। लोगों के समाज में मित्र कम हैं और फोन पर ज्यादा। ऐसे में अकेलापन भी आत्महत्या का एक बड़ा कारण है। युवाओं में नौकरी, करियर के कारण हमेशा तनाव बना रहता है।
कारण तो बहुत है पर उपाय एक ही है। आप अपने जीवन के महत्व को समझें। आप का जीवन अनमोल है। किसी के द्वारा किया हुआ कोई भी कार्य आपके जीवन के अंत की वजह नही बन सकता। आपका जीवन ईश्वर के तरफ से सबसे अनमोल तोहफा है, इसे सवारें। आत्महत्या कोई निदान नही बल्कि परिस्थिति से बच कर भागना है । एक साहसी इंसान कभी भी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाता। आत्महत्या का एक मात्र समाधान है एक दूसरे से बातों के जरिए दुःख, परेशानी, पीड़ा को बांटना।
अगर आपके आस पास कोई तनाव ग्रस्त है तो उससे बातें करे और उसके तनाव को कम करने की कोशिश करें। अगर आपके आस पास कोई ऐसा इंसान है जो अचानक सुस्त हो गया है या रोज के सामान्य कम में भी उस की जिज्ञासा धीरे- धीरे खत्म होती जा रही है या उस के बातचीत करने में कमी आ गई है तो उस को अकेला न छोड़े और उसके दुःख को जानने की कोशिश करें। क्योंकि ये सब आत्महत्या से पहले के लक्षण हो सकते है। आत्महत्या केवल एक जीवन की हानि नहीं बल्कि उस से जुड़े सभी जीवन की बरबादी भी है।
~जीवन अनमोल है,इस का आदर करे अंत नहीं।
डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है। डिजिटल बाल मेला सूचना प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करके बच्चों को उनके रचनात्मक पक्ष को उजागर करने में मदद कर रहा है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।
आपको बता दें कि डिजिटल बाल मेले की शुरुआत 2020 में जयपुर की रहने वाली 10 साल की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला अब तक कई अभियान चला चुका है जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी बाल सरपंच” आदि शामिल हैं।
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