कसौली के तुषार आनंद ने बताया अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का महत्व।

लोकतंत्र हमारे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है जो समरसता, स्वतंत्रता, और न्याय की ओर हमें ले जाता है।

बाल लेखक तुषार आनंद।

आंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस, जो हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है, लोकतंत्र के महत्व को याद दिलाने का महत्वपूर्ण दिन है। “लोकतंत्र” शब्द संस्कृत मूल से आया है, जिसका अर्थ होता है “लोगों के नियम और विधियों का तंत्र”। इसका मतलब है कि लोकतंत्र एक प्रकार का तंत्र है जो लोगों को स्वतंत्रता, न्याय और समरसता की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य है हमें लोकतंत्र के महत्व को समझाना और इसे प्रोत्साहित करना। पहली बार इसे 2007 में मनाया गया था, और तब से हम इसे हर साल मनाते हैं।

लोकतंत्र हमारे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है जो समरसता, स्वतंत्रता और न्याय की ओर हमें ले जाता है। इसके माध्यम से हम अपनी आवाज को बुलंद कर सकते हैं और राजनितिक प्रक्रिया में भागीदार हो सकते हैं।

इस दिवस के माध्यम से हमें यह याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र हमारे समाज की मूल नीति है और हमारा इसे बनाए रखने का दायित्व है। यह हमारे भविष्य के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है जो हमें लोकतंत्र के महत्व को समझने और सुनिश्चित करने के लिए समर्थ बनाता है।

डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है। डिजिटल बाल मेला सूचना प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करके बच्चों को उनके रचनात्मक पक्ष को उजागर करने में मदद कर रहा है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।

आपको बता दें कि डिजिटल बाल मेले की शुरुआत 2020 में जयपुर की रहने वाली 10 साल की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला अब तक कई अभियान चला चुका है जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी बाल सरपंच” आदि शामिल हैं।

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