दुनिया में सबसे पहले 17वीं सदी में ग्रैंड टूर के नाम से पर्यटन शुरू हुआ था, जिसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों में घुमाया जाता था।
बाल लेखिका खुशी उनियाल।
अगर हम किसी ट्रिप पर जाते हैं तो हम उस स्थल के बारे में जानने के लिए बहुत उत्सुक हो जाते हैं । ऐसे में बहुत से लोग हमें उसे जगह के बारे में बताने के लिए व घूमाने के लिए आ जाते हैं । ऐसा इसीलिए क्योंकि वह टूर गाइड होते हैं , और यह काम उनके पैसे कमाने का जरिया होता है ।
ऐसे पर्यटन को महत्व देने के लिए विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इसे सबसे पहले 27 सितंबर 1980 को मनाया गया था। तब से यह प्रतिवर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है। पर्यटकों के आने से ऐसे ही ऊपर लिखित गाइड्स अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। इस कला को सीखने के लिए पहले आपको उसे स्थल के बारे में पता होना चाहिए जहां आप टूर गाइड बनेंगे। इनमें से भूगोल और इतिहास का पता होना सबसे जरूरी है।
इस साल विश्व पर्यटन दिवस की थीम है – ‘टूरिज्म एंड ग्रीन इन्वेस्टमेंट ‘। दुनिया में सबसे पहले 17वीं सदी में ग्रैंड टूर के नाम से पर्यटन शुरू हुआ था, जिसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों में घुमाया जाता था। भारत में कल्चरल टूरिज्म के लिए सबसे ज्यादा विदेशी लोग आते हैं। उत्तर प्रदेश के ताज महोत्सव, राजस्थान का पुष्कर मेला, हरियाणा का सूरजकुंड मेला आदि देखने के लिए पर्यटक विदेश से घूमने आते हैं। आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि भारत दूसरा सबसे ज्यादा घूमे जाने वाला देश है । अंत में मैं कहना चाहूंगी कि टूरिज्म आदमी की जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण काम निभाता है, इसलिए हमें टूरिज्म को बेहतर बनाने के लिए और अच्छी योजनाएं और बेहतर स्कीम्स लानी चाहिए ।
डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है।
डिजिटल बाल मेला ने सितंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को उनकी फोटो के साथ डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का एक अभिनव मंच है। इसकी शुरुआत 2020 में जयपुर की 10 वर्षीय लड़की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला ने अब तक कई अभियान चलाए हैं जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी” शामिल हैं। बाल सरपंच” आदि।
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