राजस्थान के पारस माली ने बताया राष्ट्रीय पक्षी दिवस के बारे में।

बाल लेखक पारस माली।

 राष्ट्रीय पक्षी दिवस प्रतिवर्ष 5 जनवरी को मनाया जाता है। प्रकृति प्रेमी, पर्यावरण विद, पक्षी रक्षक और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोग राष्ट्रीय पक्षी दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। लोगों में एवियन अवेयरनेस बढ़ाने के लिए पक्षी दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। पहला राष्ट्रीय पक्षी दिवस साल 2002 में मनाया गया। यह दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य पक्षियों की महत्व को समझना है। राष्ट्रीय पक्षी दिवस पक्षियों की रक्षा और अस्तित्व के मुद्दों पर प्रकाश डालता है। दुनिया में लगभग 10000 पक्षियों की प्रजातियां है। 5 जनवरी अमेरिका में नेशनल बर्थडे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन वे लोग चिड़ियों के बारे में बात करते हैं और लोगों को चिड़ियों को पालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। भारत में 12 नवंबर को मनाया जाता है यह दिन अमेरिका में इस दिन को हर साल 5 जनवरी को मनाया जाता है तो भारत में 12 नवंबर को दिन पक्षियों के प्रति समर्पित होता है। हमें हमेशा पक्षियों की रक्षा करनी चाहिए और उनकी प्रति हमें अच्छी भावना रखनी चाहिए उनको पालने की और उनकी रक्षा करने की। अंत में मैं आप सभी को राष्ट्रीय पक्षी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहूंगा।

धन्यवाद।

डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

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