बाल लेखक पारस माली।
गुरु गोविंद सिंह जयंती हर साल 17 जनवरी को मनायी जाती है। गुरु गोविंद सिंह जयंती सिखों का प्रमुख त्यौहार है। गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु थे। उनका जन्म पटना के साहिब बिहार में हुआ था। गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। गुरु गोविंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था। गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाएं आज भी लोगों का मार्गदर्शन कर रही है। सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्म हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। इस वर्ष पूर्व सप्तमी 17 जनवरी को पढ़ रही है। और इस दिन सिख समुदाय के लोग धूमधाम से गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती मनाते हैं। गुरु गोविंद सिंह ने खालसा की रक्षा के लिए अपने जीवन काल में भी कई बार मुगलों का सामना किया था। और उन्होंने अपने विचारों में लोगों को बहुत कुछ सिखाया है। अंत में मैं आप सभी को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहूंगा।
धन्यवाद।
डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –
Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela
Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela
YouTube –

