बीकानेर से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार अर्जुन राम मेघवाल कौन है।
प्रधानमंत्री मोदी के करीबी नेताओं में से एक माने जाते हैं लोकसभा उम्मीदवार अर्जुन राम मेघवाल।
शिवाक्ष शर्मा।
बीजेपी ने केन्द्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर एक बार फिर से भरोसा जताया है। उन्हें लगातार चौथी बार बीकानेर से लोकसभा प्रत्याशी बनाया गया है।
अर्जुन राम मेघवाल का जन्म 20 दिसंबर, 1953 को राजस्थान के बीकानेर के थार रेगिस्तान में स्थित एक छोटे से गांव- किशमीदेसर में हुआ था। अर्जुन मेघवाल राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं और उनके पास कानून और एमबीए की डिग्री भी है, आईएएस में पदोन्नत होने से पहले वे राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे।
दिलचस्प बात यह है कि यह कांग्रेस पार्टी के साथ उनका टकराव था जिसने मेघवाल को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। 2008 के विधानसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद कि वह भाजपा के साथ मिले हुए थे, उन्हें चूरू से कलेक्टर के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया था। पगड़ी को सिर पर हमेशा सजाए रखना मेघवाल का ट्रेडमार्क है।
अर्जुन मेघवाल जी ने भारत डाक विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर की नौकरी भी की है व इसी के बाद उनका राजनीतिक जीवन भी शुरू हुआ, जब उन्होंने टेलीफोन ट्रैफिक एसोसिएशन का चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी। अर्जुन राम मेघवाल पहली बार भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर 2009 में बिकानेर लोक सभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे इस के बाद 2014 एवं 2019 में भी वह बीकानेर से लोकसभा के सदस्य बने। अर्जुन मेघवाल जी को 2013 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी दिया जा चुका है। अर्जुन राम मेघवाल को किरण रिजिजू की जगह 2023 में केंद्रीय कानून मंत्री बनाया गया। मेघवाल पहले नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री भी है। अपने कार्यकाल के दौरान मेघवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक के रूप में कार्य किया और पार्टी सदस्यों के भीतर अनुशासन और समन्वय सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संसदीय कार्यवाही के प्रभावी कामकाज में योगदान देते हुए हाउस कमेटी की अध्यक्षता की है।
डिजिटल बाल मेला ने मार्च माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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