दैनिक भास्कर कार्यालय में “जेंडर सेंसिटिव राजस्थान” अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में सार्थक संवाद हुआ संपादकीय टीम के सदस्यों ने इस विषय पर खुलकर संवाद किया वहीं प्रचलित सामाजिक अवधारणाओं को कैसे बदला जाएं ये भी जाना।दफ्तरों में लड़कियों को सहयोगी के रुप में देखने की आदत डालें, ये आदत बेटियों को घर और शहर से बाहर सुरक्षित माहौल मुहैया करान में मददगार होगी। कार्यालयों में युवतियों पर लैंगिक टिप्पणी या भद्दे मज़ाक कानूनन अपराध है ऐसी घटनाओं से डर के युवतियों का काम नहीं छुड़ायें बल्कि युवाओं को ऐसे अपराधों से बचायें, ऐसी घटनाओं से महिलाओं की इज्जत कम होती है इस भ्रम को भी दूर करें
अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –
Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela
Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela
YouTube – https://bit.ly/3xRYkNz

