कंपीटिशन बहुत ज्यादा है, लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने पर ही मिलेगी सफलता:अविनाश गहलोत
———विश्व बाल दिवस पर अल्बर्ट हॉल पर आयोजित हुई पेंटिंग प्रतियोगिता
———सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने किया शुभारंभ
जयपुर। हर साल 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस मनाया जाता है। ऐसे में डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ की ओर से विश्व बाल दिवस के अवसर पर बुधवार को अल्बर्ट हॉल में पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने अल्बर्ट हॉल पर प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के साथ ही बच्चों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने अपने स्कूल जीवन को भी याद किया। वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब कम्पीटिशन बहुत ज्यादा है। हर प्रतियोगी परीक्षा में भीड़ बहुत है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि हमें अपने लक्ष्य को तय करना चाहिए, क्योंकि जब तक व्यक्ति अपना लक्ष्य निर्धारित नहीं करता है तो वह सफलता को हासिल नहीं कर पाता है।
इस अवसर पर यूनिसेफ की ओर से तैयार की गई स्टेट ऑफ वर्ल्ड रिपोर्ट भी जारी की गई। जिसके बाद यूनिसेफ राजस्थान के प्रमुख रूषभ हेमानी ने इस रिपोर्ट की अहमियत बताते हुए कहा कि इस साल का विषय क्लाइमेट चेंज है। बच्चों को भविष्य की चुनौतियों से रूबरू कराना और उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए यूनिसेफ फ्यूचर सोसाइटी के साथ मिलकर आने वाले समय ऐसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। डिजिटल बाल मेला की जाह्नवी शर्मा ने बताया कि बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से विश्व बाल दिवस मनाया जाता है।
सामाजिक मुद्दों के साथ ही अन्य मुद्दों को उकेरा कैनवास पर
इस पेंटिंग में बच्चों ने बाल अधिकार, रोजगार के अवसर एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित विषयों पर भविष्य की कल्पना को कैनवास पर उकेरा है। इसमें वर्ष 2047 में भारत के विकास, पर्यावरण संरक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर बच्चों की राय प्रदर्शित की गई। समापन के अवसर पर द फ्यूचर सोसायटी की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। बता दें कि डिजिटल बाल मेला विश्व बाल दिवस के अवसर पर बच्चों के लिए अनोखा आयोजन करता है। वर्ष 2021 में बाल दिवस पर भारत की पहली बाल विधानसभा का आयोजन किया गया। जबकि 2022 में पिंकसिटी प्रेस क्लब में बच्चों के लिए बाल मेला लगाया गया। इसके बाद 2023 में विश्व बाल दिवस पर एक हजार से भी ज्यादा ब्लू स्ट्रीट कार्यक्रम आयोजित किए गए।

