“स्वच्छता और सतत विकास का संदेश देती त्रिशा कटियार की पेंटिंग”…

“स्वच्छता और सतत विकास का संदेश देती त्रिशा कटियार की पेंटिंग”

डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हेरिटेज के संयुक्त प्रयास से आयोजित ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ कार्यक्रम के तहत हिमांशु चिल्ड्रन एकेडमी, वार्ड 19 की त्रिशा कटियार (कक्षा 9, उम्र 15 वर्ष) की पेंटिंग ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।

पेंटिंग की विशेषता

त्रिशा की पेंटिंग “क्या करें और क्या न करें” (Do’s and Don’ts) थीम पर आधारित है, जिसमें कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण पहलुओं को दो भागों में विभाजित कर दिखाया गया है।

बाएँ भाग (Do’s) – हमें क्या करना चाहिए

कचरे का सही निपटान: पेंटिंग में चार प्रकार के कचरा डस्टबिन (हरा – गीला कचरा, नीला – सूखा कचरा, लाल – बायोमेडिकल कचरा, पीला – कांच) दिखाए गए हैं, जो कचरा प्रबंधन की सही प्रक्रिया को दर्शाते हैं।

खाद बनाना: किचन वेस्ट से खाद बनाने को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे जैविक कचरे का सही उपयोग हो सके।

वृक्षारोपण: अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।

 

दाएँ भाग (Don’ts) – क्या नहीं करना चाहिए

प्लास्टिक का उपयोग न करें: समुद्रों और जलस्रोतों को बचाने का संदेश देते हुए दिखाया गया है कि प्लास्टिक पशुओं के लिए हानिकारक है और इसके विघटन में 1000 वर्ष लगते हैं।

कचरा न जलाएं: इससे वायु प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।

पेड़ न काटें: वृक्षों की कटाई से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को दर्शाया गया है।

 

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश

त्रिशा की पेंटिंग न केवल स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समाज की भूमिका को भी स्पष्ट करती है। उनकी कलाकृति हमें सिखाती है कि यदि हम जागरूक होकर सही आदतों को अपनाएं और गलतियों से बचें, तो हम अपने शहर और पृथ्वी को स्वच्छ और हरित बना सकते हैं।

‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ कार्यक्रम के तहत इस प्रकार की रचनात्मक प्रस्तुतियां बच्चों में समाज के प्रति उत्तरदायित्व और नेतृत्व की भावना को विकसित करने का कार्य कर रही हैं।

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