हिमांशी की पेंटिंग से जागरूकता का संदेश – “कैसा हो हमारा भविष्य?”
हिमांशु चिल्ड्रन एकेडमी ( वार्ड 19)की कक्षा 7 की छात्रा हिमांशी (12 वर्ष) ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से पृथ्वी के दो पहलुओं को दर्शाते हुए एक गहरा सवाल उठाया है – हम किस दुनिया में रहना चाहते हैं?
पेंटिंग में धरती के दो विपरीत रूप दिखाए गए हैं:
सकारात्मक पक्ष (बाईं ओर) – एक जीवन से भरपूर पृथ्वी जहां चारों ओर हरियाली, शुद्ध ऑक्सीजन, इंद्रधनुष और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र है। यहां पक्षी उड़ रहे हैं, पतंगें आसमान में लहरा रही हैं, जो स्वतंत्रता, ऊर्जा और एक स्वस्थ जीवन का प्रतीक हैं।
नकारात्मक पक्ष (दाईं ओर) – एक प्रदूषित और संकटग्रस्त पृथ्वी जहां वातावरण धुएं से भरा है, पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो रहा है, पशु मर रहे हैं और फैक्ट्रियों से निकलने वाला कचरा नदियों को दूषित कर रहा है। यह चित्रण यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम ऐसे वातावरण में जीना चाहेंगे?
हिमांशी की यह पेंटिंग हमें पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक होने का संदेश देती है। यह हमें प्रेरित करती है कि हम अपनी धरती को प्रदूषण मुक्त और हरियाली से भरपूर रखने के लिए कदम उठाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुंदर और स्वस्थ भविष्य मिल सके।

