हवा महल और आमेर किला में होगी 100 वार्ड के बाल चित्रकारों की अनूठी प्रदर्शनी
जयपुर | ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ अभियान के अंतर्गत शहर के 100 वार्डों के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी कला के माध्यम से संदेश दिए हैं। इन रचनात्मक चित्रों को आम जनता के लिए दो प्रमुख कला प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जाएगा – 5 अप्रैल को हवा महल और 12 अप्रैल को आमेर किला में।
बाल चित्रकारों की प्रस्तुतियां:
. जागृति (वार्ड-100), सरदार रामसिंह मेमोरियल विद्यालय – चित्र दो भागों में विभाजित है। एक ओर सही आदतें जैसे पेड़ लगाना, डस्टबिन का उपयोग करना और दूसरी ओर गलत आदतें जैसे प्लास्टिक प्रदूषण, समुद्री जीवन पर प्रभाव को दिखाया गया है।
. भूपेंद्र जांगिड़ (वार्ड-100), सरदार रामसिंह मेमोरियल विद्यालय – ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ थीम पर आधारित चित्र, जिसमें पृथ्वी को प्लास्टिक के भार से कराहते हुए दर्शाया गया है और ‘Say No to Plastic’ का संदेश दिया गया है।
. दिव्या जीना (वार्ड-53), लिटिल एंजल्स स्कूल – ‘I Love My Earth’ और ‘I Don’t Love My Earth’ थीम पर आधारित चित्रण, जिसमें स्वच्छता, हरियाली और प्रदूषण के बीच स्पष्ट अंतर दिखाया गया है।
. अफरीन (वार्ड-19), हिमांशु चिल्ड्रन एकेडमी – ‘स्वच्छ भारत’ शीर्षक के साथ केंद्र में पृथ्वी को झाड़ू पकड़े हुए दिखाया गया है और चार प्रमुख संदेश दिए गए हैं – ‘Clean India’, ‘Plant Trees’, ‘Don’t Use Plastic’ और ‘If We Follow This, We Will Make Swachh Bharat’।
. हार्दिक (वार्ड-53), लिटिल एंजल्स स्कूल – ‘Clean India, Green India’ संदेश के साथ महात्मा गांधी का चित्रण, जिसमें उन्हें झाड़ू लगाते हुए दर्शाया गया है और स्वच्छता अभियान के प्रतीक दिखाए गए हैं।
100 वार्डों के बच्चों की रचनात्मक प्रदर्शनी
इन उत्कृष्ट चित्रों को आम जनता के लिए प्रस्तुत करने हेतु 5 अप्रैल को हवा महल और 12 अप्रैल को आमेर किला में विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की कल्पनाशक्ति को मंच प्रदान करना और समाज में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
यह सभी प्रयास ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ अभियान के तहत किए जा रहे हैं, जिसे फ्यूचर सोसाइटी के तत्वावधान में डिजिटल बाल मेला और जयपुर नगर निगम हैरिटेज द्वारा सह-आयोजित किया जा रहा है।
जयपुरवासियों से अपील है कि वे इन प्रदर्शनियों में शामिल होकर बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करें और स्वच्छता के इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

