स्वच्छता के संदेश को चित्र के माध्यम से जीवंत करते हर्ष नामदेव।
वार्ड 44 के युवा छात्र हर्ष नामदेव, कक्षा 11वीं, जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत हैं और मात्र 17 वर्ष की उम्र में इन्होंने स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषय को अपनी चित्रकला के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। इनकी पेंटिंग न केवल रंगों की सुंदरता से सजी है, बल्कि एक गहरा सामाजिक संदेश भी देती है—“कचरे का पृथक्करण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन”।
चित्र में एक ग्रामीण परिवार को दिखाया गया है जो घर के कचरे को “यूज़ मी” नामक हरे डस्टबिन में डाल रहा है। साथ ही, पृष्ठभूमि में लाल किला और ताजमहल जैसे ऐतिहासिक स्थल यह दर्शाते हैं कि यदि हम अपने देश को स्वच्छ रखें, तभी हम अपने गौरवशाली धरोहरों की रक्षा कर पाएंगे। पेड़-पौधों और पृथ्वी के प्रतीक के साथ एक बल्ब की आकृति में नवाचार और हरियाली का संदेश भी बहुत सुंदरता से समाहित किया गया है।
चित्र के निचले हिस्से में सफाई कर्मचारी, स्वच्छता वाहन और “गीले-सूखे कचरे को अलग करें” जैसे संदेश दर्शाते हैं कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से संभव है। यह चित्र आम लोगों को सीधे जोड़ता है और सरल भाषा व दृश्य माध्यम से उन्हें जागरूक करता है।
हर्ष नामदेव का यह प्रयास प्रशंसा के योग्य है, जो स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य को रचनात्मक रूप से लोगों तक पहुँचाता है। ऐसे युवाओं की कल्पनाशक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी निश्चित रूप से देश को एक स्वच्छ और सुंदर भविष्य की ओर ले जाएगी।

