मुंबई की प्रसिद्द आध्यात्मिक सलाहकार व् रेकी ग्रैंडमास्टर रजनी भार्गव ने किया बच्चों से संवाद…………….
आज प्रसिद्ध आध्यात्मिक सलाहकार और रेकी की ग्रैंडमास्टर श्रीमती रजनी भार्गव ने ऑनलाइन सत्र के माध्यम से डिजिटल बाल मेला के बच्चों को संबोधित किया। श्रीमती भार्गव मुंबई से सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नंगल पुरोहितन, जयपुर के बच्चों के साथ सुबह 11:00 बजे जुड़ी । श्रीमती रजनी भार्गव नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ ध्यान सत्र आयोजित करते हैं। लेकिन है डिजिटल बाल मेला के जरिए बच्चों से बातचीत की।
डिजिटल बाल मेला ने लाइव सत्र का आयोजन किया जिसमें श्रीमती रजनी ने बच्चों को जीवन में ध्यान के महत्व के बारे में बताया कि यह बच्चों के जीवन में कैसे और क्या भूमिका निभाता है। उन्होंने विशेष रूप से आभार ध्यान के बारे में बात की। कृतज्ञता हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह लोगों को अधिक सकारात्मक भावनाओं को महसूस करने में मदद करता है, अच्छे अनुभवों का आनंद लेता है, उनके स्वास्थ्य में सुधार करता है और मजबूत संबंध बनाने में भी सहायता करता है।
बच्चों के समग्र विकास के लिए डिजिटल बाल मेला लगातार काम कर रहा है। यह सुनिश्चित करना कि बच्चों और उनके माता-पिता के कार्यक्रम में गड़बड़ी न हो, और ताकि बच्चे अपने घरों से ही दुनिया से जुड़ सकें, डिजिटल बाल मेला विभिन्न सत्रों और अभियानों का आयोजन करता है। बच्चों को उनकी समृद्ध संस्कृति, विरासत, कला और संस्कृति के बारे में जागरूक करने के लिए डीबीएम ने जागरूकता फैलाने के लिए और साथ ही रचनात्मकता के लिए एक जगह प्रदान करने के लिए, इसने ‘शेड्स ऑफ कोविड’ अभियान शुरू किया है। इतना ही नहीं, बच्चों के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने के लिए, यह विभिन्न प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करता है। ऐसे सभी अभियानों और पहलों के माध्यम से डिजिटल बाल मेला बच्चों को अपना समय सही दिशा में निवेश करने का एक बड़ा अवसर दे रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी गतिविधियां शुद्ध ऑनलाइन मोड में होती हैं! हां, सत्र, अभियान और प्रतियोगिताएं सब कुछ। मेजबानी से लेकर धन्यवाद प्रस्ताव देने तक यहां हर काम छोटे बच्चों द्वारा किया जाता है। यह उनके समग्र व्यक्तित्व विकास और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में बहुत योगदान दे रहा है।
आज के सत्र में श्रीमती रजनी भार्गव ने बच्चों से ध्यान को समझने और अभ्यास करने की अपील की और उन्हें कृतज्ञता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
डिजिटल बाल मेला बच्चों की रचनात्मकता को बढाने वाला एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जिसमें बच्चे अपने घर से ही जुड़ सकते हैं| इसकी शुरुआत जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की कक्षा 7वीं की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा कोरोना काल में बच्चों की बोरियत दूर करने व बच्चों की कला को एक मंच देने के लिए की गयी थी|
डिजिटल बाल मेला बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए ऐसे ही अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जहां पहले सीजन में 10 विभन्न तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी थी तो वहीँ दूसरे सीजन में भारत का पहला व् ऐतिहासिक बाल सत्र आयोजित किया गया था जिसमें बच्चों ने ही मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्री व् विधायक बन सदन का संचालन किया था|
वर्तमान में डिजिटल बाल मेला द्वारा “म्यूजियम्स थ्रू माय आईज” व “शेड्स ऑफ़ कोविड”, दो अभियान चलाये जा रहे हैं|
शेड्स ऑफ़ कोविड में भाग लेने के लिए बच्चे कोरोना काल के अपने अनुभवों पर आधारित पेंटिंग तो वहीँ “म्यूजियम्स थ्रू माय आईज” अभियान में भाग लेने के लिए बच्चे देश या विदेश के अपने पसंदीदा संग्रहालय का चित्र बनाकर भेज सकते है | डिजिटल बाल मेला द्वारा अनेक शहरों में प्रदर्शनियां आयोजित की जाएगी जिनमे बच्चों द्वारा बनायीं ये सभी पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएँगी |
अपने बच्चे की पेंटिंग प्रदर्शनी में भेजने के लिए www.digitalbaalmela.com या 8005915026 पर रजिस्टर कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिये हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें:-
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