तनय मिश्रा।
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के शासन की व्यवस्था पंचायती राज पर टिकी हुई है। राजस्थान आधुनिक भारत में पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य था। ऐसे में राजस्थान के पंचायती राज मंत्री के बारे में जानना भी ज़रूरी है।
जयपुर। बात अगर राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था की करें, तो बहुत से लोगों को शायद यह पता नहीं होगा कि राजस्थान आधुनिक भारत में पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य था। 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले के बगधरी गांव में तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार देश में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की। आइए एक नज़र डालते हैं राजस्थान के पंचायती राज मंत्री के बारे में।
कौन है राजस्थान के पंचायती राज मंत्री?
राजस्थान के पंचायती राज मंत्री का नाम रमेश चंद मीणा है।
जीवन पर एक नज़र–
कॉंग्रेस पार्टी की ओर से निर्वाचित रमेश चंद मीणा का जन्म 15 जनवरी 1963 को राजस्थान के करौली जिले की मंडरायल तहसील में हुआ था। उनके पिता का नाम शंकरलाल मीणा है। रमेश चंद मीणा की पत्नी का नाम कमलेश मीणा है। रमेश चंद मीणा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री हासिल करने के एक कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर अपने व्यवसाय की शुरुआत की।

राजनीतिक सफर
रमेश चंद मीणा ने 1993 में निर्दलीय रूप से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और हार का सामना किया। इसके बाद 1998 में एक बार फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दो बार असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और 2008 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए करौली के सपोटरा विधानसभा क्षेत्र जीत हासिल की। इसके बाद रमेश चंद मीणा ने 2013 में कॉंग्रेस का दामन थाम लिया और सपोटरा से एक बार फिर से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करते हुए रमेश चंद मीणा लगातार तीसरी बार सपोटरा से विधायक चुने गए। इसी के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार में इन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की ज़िम्मेदारी मिली और 2020 तक यह ज़िम्मेदारी उनके पास ही रही। इसके बाद 2021 में उन्हें राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग का ज़िम्मा सौंपा गया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह जानकारी आपको “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने के लिए दी गयी है। इस पहल के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करेगा, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायत राज प्रणाली पर संवाद करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि आप इस अभियान में कई तरह से हिस्सा ले सकते हैं, जिनमें सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। परन्तु इसके पहले बच्चों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट या वॉट्सऐप नंबर पर मेसेज कर रजिस्टर करना होगा, जिसका लिंक नीचे दिया गया है।
“मैं भी बाल सरपंच” अभियान में भाग लेने के लिए डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर करें या इस नंबर 8005915026 पर रजिस्टर करें। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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