तनय मिश्रा।
पंचायती राज भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के शासन की प्रणाली है। ऐसे में यह जानना भी ज़रूरी है कि देश की पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली की ज़िम्मेदारी किसके कन्धों पर है।
जयपुर। भारत के गाँवों में शासन प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए देश में पंचायती राज की स्थापना की गई है। प्रत्येक गाँव की पंचायत के लिए एक सरपंच की व्यवस्था होती है और इन सबके ऊपर राज्य स्तर पर पंचायती राज मंत्री होते हैं। परन्तु इनसे भी ऊपर होता है देश का केंद्रीय पंचायती राज मंत्री। आइए जानते है भारत के पंचायती राज मंत्री के बारे में।
कौन है भारत के पंचायती राज मंत्री?
भारत के पंचायती राज मंत्री का नाम गिरिराज सिंह है। देश के पंचायती राज मंत्रालय के साथ ही ग्रामीण विकास की ज़िम्मेदारी भी इन्हीं के कन्धों पर हैं।
जीवन पर एक नज़र
भारतीय जनता पार्टी की ओर से निर्वाचित गिरिराज सिंह का जन्म 9 सितंबर 1952 को बिहार के लखीसराय जिले के बड़हिया में हुआ था। उनके पिता का नाम रामावतार सिंह और माता का नाम तारा देवी है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। गिरिराज सिंह की पत्नी का नाम उमा सिन्हा है और उनकी एक बेटी है। गिरिराज सिंह ने अपनी शिक्षा बेगूसराय से पूरी की है। 1971 में मगध यूनिवर्सिटी से स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद गिरिराज सिंह ने एक जानी-मानी कंपनी की पंप सेट की एजेंसी लेकर बेगूसराय में ही व्यवसाय की शुरुआत की।
राजनीतिक सफर
बेगूसराय में एक शादी समारोह के दौरान गिरिराज सिंह की मुलाकात भाजपा नेता कैलाशपति मिश्रा से हुई। उनसे प्रेरणा लेकर गिरिराज सिंह ने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। इसके बाद वह 1985-86 में पटना चले गए और भाजयुमो (भारतीय जनता युवा मोर्चा) में शामिल हो गए। भाजयुमो की ओर से बेगूसराय, समस्तीपुर और खगड़िया के संगठन प्रभारी रहने के साथ 1990 में गिरिराज सिंह प्रदेश भाजयुमो दल के महासचिव भी बने। अइसके बाद वह 2002 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने और 2014 तक वह विधान पार्षद रहे। अपने इसी कार्यकाल के दौरान बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल विस्तार में गिरिराज सिंह 2008 से 2010 तक सहकारिता मंत्री और फिर 2010 से 2013 तक पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री बने। 2014 के लोकसभा चुनाव में गिरिराज सिंह पहली बार नवादा से सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार के समय गिरिराज सिंह को पहली बार केन्द्र में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेवारी दी गई। इसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव में गिरिराज सिंह बेगूसराय से सांसद चुने गए, जिसके बाद उन्हें 30 मई 2019 को पंचायती राज मंत्रालय की ज़िम्मेदारी मिली।
डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ बच्चों के लिए राजस्थान की हर ग्राम पंचायत में बाल पंचायत करते हैं। इनके माध्यम से बच्चों को देश के लोकतंत्र और पंचायती राज के बारें में जागरूकता दी जाती है। इतना ही नहीं, कुछ बाल सरपंचों को जयपुर बुलाकर उनकी एक सभा पंचायती राज भवन में कराई जाएगी, जिसमें बच्चों को राजस्थान के मुख्यमंत्री से अपने गाँव की मुसीबतें और सुझाव साझा करने का मौका मिलेगा।
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