बरांगना के सरपंच हनुमान चौधरी ने “मैं भी बाल सरपंच” अभियान को बताया प्रभावशाली

तनय मिश्रा।

जयपुर के तीज होटल में डिजिटल बाल मेला की तरफ से शुक्रवार को “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत एक अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें नागौर के बरांगना पंचायती क्षेत्र के सरपंच हनुमान चौधरी भी शामिल हुए।

जयपुर। शुक्रवार 23 सितंबर को डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ की पार्टनरशिप के अंतर्गत जयपुर के तीज होटल में “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत एक अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य पंचायती अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। डिजिटल बाल मेला की मेंटर और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मीना शर्मा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के विषय में संबोधित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नागौर की बरांगना पंचायती क्षेत्र के सरपंच हनुमान चौधरी भी शामिल हुए। आइए जानते है क्या कहा हनुमान चौधरी ने डिजिटल बाल मेला के इस अनूठे अभियान के बारे में।

क्या कहा हनुमान चौधरी ने?

डिजिटल बाल मेला के “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नागौर की बरांगना पंचायती क्षेत्र के सरपंच हनुमान चौधरी ने इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बताया। इससे पहले डिजिटल बाल मेला द्वारा “बच्चों की विधानसभा” के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का ग्रामीण क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रहा था। ऐसे में उन्होंने यह ज़िम्मेदारी ली कि वह डिजिटल बाल मेला के इस अभियान के तहत अपनी पंचायतों में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों की सहभागिता पर काम करेंगे। इसके लिए वह गाँव के स्कूलों के ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को इससे जोड़ेंगे। साथ ही बच्चों को इसके माध्यम से ग्राम सभा, सरकारी स्कीम्स, चुनावी नीति, वोट की ताकत आदि जानकारी देने का भी प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हनुमान चौधरी ने डिजिटल बाल मेला का सहयोग करने की भी बात कही।

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डिजिटल बाल मेला अपने अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के माध्यम से देश के ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र के बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है। इस अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करता है, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायती राज प्रणाली पर संवाद भी करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस अभियान में कई तरह के सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इससे पहले डिजिटल बाल मेला “शेड्स ऑफ कोविड” पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन कर चुका है।

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अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….

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