तनय।
बच्चों के लिए एक नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। ग्राम पंचायतों को “बाल मित्र पंचायत” बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है।
जयपुर। बच्चों के लिए शुरू किए गए डिजिटल बाल मेला के नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” की लॉन्चिंग हो चुकी है। इस तरह का यह देश में ऐसा पहला अभियान है, जो बच्चों की लोकतंत्र में सहभागिता बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। इतना ही नहीं, इस अभियान के ज़रिए ग्राम पंचायतों को भी “बाल मित्र पंचायत” बनाने का प्रयास किया जाएगा।
“बाल मित्र पंचायत” की अहमियत
“बाल मित्र पंचायत” बच्चों के लिए बहुत ही अहम है। इससे ना सिर्फ बच्चों को पंचायत के सामने अपने विचारों और सुझावों को व्यक्त करने की आज़ादी मिलेगी, बल्कि उनकी आवाज़ को अहमियत भी मिलेगी। बाल मित्र पंचायत से बच्चों के विचारों की अभिव्यक्ति पर किसी भी तरह की कोई बंदिश नहीं लगेगी और उनकी सहभागिता भी बढ़ेगी। इससे लोकतंत्र में भी उनकी सहभागिता बढ़ेगी, जिससे भविष्य के जनप्रतिनिधि तैयार होंगे। इतना ही नहीं, बाल मित्र पंचायत से बच्चों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा, किसी भी तरह के शोषण से सुरक्षा, बाल अभिव्यक्ति के लिए एक मंच की उपलब्धता, समस्याओं के समाधान के लिए बाल मत संग्रह, पंचायत व्यवस्था में बाल सक्रियता आदि महत्वपूर्ण पहलूओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बाल विकास के साथ ही पंचायती विकास को भी गति मिलेगी।
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अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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