तनय।
डिजिटल बाल मेला (Digital Baal Mela) के नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” ने 15 अक्टूबर को झुंझुनूं (Jhunjhunu) के काजड़ा (Kajra) गाँव में दस्तक दे दी है। इस अवसर पर काजड़ा गाँव की सरपंच मंजू तंवर मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रही और कार्यक्रम को संबोधित भी किया।
जयपुर। 2 अक्टूबर को डिजिटल बाल मेला के नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” की आधिकारिक शुरुआत नागौर से होने के बाद 8 अक्टूबर को इस अभियान ने जयपुर (Jaipur) के राजावास (Rajawas) गाँव के बाद 15 अक्टूबर को झुंझुनूं के काजड़ा गाँव में दस्तक दे दी है। इस अवसर पर बच्चों के लिए एक “बाल पंचायत” का भी आयोजन किया गया, जिसमे काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई और कार्यक्रम में सभी को इस अभियान के बारे में संबोधित भी किया।
क्या कहा मंजू तंवर ने?
काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर ने सबसे पहले डिजिटल बाल मेला के “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत आयोजित बाल पंचायत में शामिल सभी लोगों का स्वागत करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने डिजिटल बाल मेला की टीम को इस आयोजन के लिए काजड़ा पंचायत को चुनने के लिए धन्यवाद भी किया। सरपंच मंजू तंवर ने इस आयोजन के लिए देश के पूर्व राष्ट्रपति और “मिसाइल-मैन” (Missile-Man) के नाम से मशहूर स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी की जयन्ती को एक अच्छा अवसर बताया और कहा कि यह कार्यक्रम सभी पर सकारात्मक प्रभाव (Positive Impact) डालेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में राजनीति से जुड़े लोगों की धूमिल छवि (Corrup Image) होती है, पर इस अभियान से बच्चों को स्वच्छ राजनीति (Clean Politics) का ज्ञान और प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बाल सहभागिता (Child Participation) के बारे में बात करते हुए कहा कि वह बच्चों के नए प्लान्स को सुनकर उन्हें अपने क्षेत्र में लागू करने पर भी काम करेगी। बच्चों के द्वारा उठाए बिजली के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे गाँव की बिजली व्यवस्था उनके अधिकार में नहीं है, पर वह इस व्यवस्था को सुधारने का पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि हर गली में उनके द्वारा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है और गलियों में रात को हमेशा लाइट रहती हैं। उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देती है।
बच्चों द्वारा नहर के पानी की उपलब्धता के विषय में उठाए मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल यह उनके अधिकार-क्षेत्र से बाहर है, परंतु उन्होंने 2024 तक कुंभाराम लिफ्ट नहर परियोजना (Kumbharam Lift Canal Water Plant) का पानी गाँव तक पहुँचने का आश्वासन दिया। अंत में उन्होंने बच्चों से उनकी और क्षेत्र की समस्याओं के बारे में उन्हें अवगत कराने और इसके लिए 24×7 उपलब्ध रहने का भरोसा देते हुए एक बार फिर से कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद दिया।
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अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” (#MainBhiBaalSarpanch) अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला (#DigitalBaalMela) की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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