तनय।
डिजिटल बाल मेला (Digital Baal Mela) के नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” ने कल यानि की 29 अक्टूबर को भरतपुर के रारह गाँव में दस्तक दे दी है। इस अवसर पर रारह में “बाल पंचायत” का भी आयोजन किया गया।
जयपुर। 2 अक्टूबर 1959 के दिन आधुनिक भारत में पहली बार राजस्थान के नागौर जिले से पंचायती राज की शुरुआत हुई थी। इसके ठीक 63 वर्ष बाद 2 अक्टूबर 2022 के दिन राजस्थान के नागौर के बरांगना से ही “मैं भी बाल सरपंच” अभियान की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। इसके बाद 8 अक्टूबर को जयपुर (Jaipur) के राजावास (Rajawas) गाँव, 15 अक्टूबर को झुंझुनूं (Jhunjhunu) के काजड़ा (Kajra) गाँव, 17 अक्टूबर को चूरू (Churu) के रंगाईसर (Rangaisar) गाँव और फिर 29 अक्टूबर को यह अभियान भरतपुर (Bharatpur) के रारह (Rarah) गाँव पहुँचा। बच्चों के लिए शुरू किए गए इस नवाचारी अभियान के लिए डिजिटल बाल मेला ने यूनिसेफ (UNICEF) से हाथ मिलाया है। इस अवसर पर बच्चों के लिए एक “बाल पंचायत” का भी आयोजन किया गया, जिसमें रारह गाँव की सरपंच कुसुम सिंह, सरपंच प्रतिनिधि मोहन राव, रारह उपसरपंच प्रेम सिंह, रारह गाँव के पंच मांगीलाल, बुरवई गाँव के पंच शिवराम, रारह के ग्राम विकास अधिकारी भूदेव सिंह और कुम्हेर के बाल विकास परियोजना अधिकारी महेंद्र अवस्थी मुख्य अतिथियों के तौर पर शामिल हुए।
शिक्षा और बिजली अपूर्ति की समस्या बनी मुद्दा
रारह में “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत एक “बाल पंचायत” का भी आयोजन हुआ, जिसके लिए बच्चों में उत्साह देखने को मिला और 150 से ज़्यादा बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया। इसमें “बाल सरपंच” के पद के लिए 20 बच्चों ने अपनी दावेदारी पेश की और बताया कि अगर वो सरपंच होते, या भविष्य में सरपंच बनते हैं, तो किस तरह से काम करेंगे और गाँव में क्या बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। इन बच्चों ने घंटा भर चले इस दावेदारी सत्र में भरतपुर संभाग की अनदेखी पर बात करते हुए गाँव के शिक्षकों की लापरवाही और उसपर विभाग द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जाने के साथ ही अपनी ग्राम पंचायत रारह में बिजली आपूर्ति की समस्या जैसे मुद्दे उठाए। इन मुद्दों के जल्द निवारण का आश्वासन देते हुए सरपंच ने आगे से होने वाली सभी ग्राम सभाओं में रारह से चुने गए बाल सरपंच को शामिल करने की बात भी कही। बाल सरपंच की दावेदारी पेश करने वाले बच्चों के लिए पंचायत में उपस्थित अन्य बच्चों द्वारा लाइव वोटिंग की गई, जिसके आधार पर जीतने वाले दावेदार को रारह से “बाल सरपंच” चुना जाएगा। इस प्रक्रिया से बच्चों को वोटिंग के बारे में जानकारी मिलने के साथ ही उनका इस क्षेत्र में रुझान भी बढ़ेगा। इसके साथ ही इस अभियान के ज़रिए रारह से चयनित बाल सरपंच डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भी शामिल होगा। दूसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल उपसरपंच और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल पंच चुना जाएगा।
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अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” (#MainBhiBaalSarpanch) अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला (#DigitalBaalMela) की www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें….
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