Main Bhi Baal Sarpanch अभियान की हुई जयपुर वापसी, विराटनगर के जवानपुरा गाँव में बच्चों के उत्साह के बीच हुआ “बाल पंचायत” का आयोजन

Main Bhi Baal Sarpanch

तनय।

डिजिटल बाल मेला (Digital Baal Mela) का नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” (Main Bhi Baal Sarpanch) आज 1 नवंबर को जयपुर के विराटनगर के जवानपुरा गाँव पहुँच गया है।

जयपुर। 2 अक्टूबर 2022 के दिन आधिकारिक रूप से लॉन्च हुए डिजिटल बाल मेला के नवाचारी और शिक्षाप्रद “मैं भी बाल सरपंच” की पंचायती राज की नागौर (Nagaur) से शुरुआत होने के कारण इस अभियान की भी नागौर के बरांगना गाँव से ही शुरुआत। जल्द ही पूरे राजस्थान में इस अभियान को ले जाने के प्रण के साथ इस अभियान को 8 अक्टूबर को जयपुर (Jaipur) के राजावास (Rajawas) गाँव, 15 अक्टूबर को झुंझुनूं (Jhunjhunu) के काजड़ा (Kajra) गाँव और 17 अक्टूबर को चूरू (Churu) के रंगाईसर (Rangaisar) और 29 अक्टूबर को भरतपुर (Bharatpur) के रारह (Rarah) गाँव ले जाया गया। इसके बाद आज यह अभियान एक बार फिर जयपुर वापस आया। आज 1 नवंबर को विराटनगर (Viratnagar) के जवानपुरा (Jawanpura) गाँव में इस अभियान ने दस्तक दी।

अभियान का मकसद

यह अभियान 6-18 साल की आयु के बच्चों के लिए शुरू किया गया है, जिसका मूल मकसद पंचायती स्तर पर लोकतंत्र के प्रति बच्चों की “शिक्षा, सक्रियता और सहभागिता” को  बढ़ाना है। इससे बच्चों को देश के भावी जनप्रतिनिधियों के रूप में पंचायत स्तर पर तैयार करने में भी मदद मिलेगी। इस अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में आज जवानपुरा गाँव के सरपंच और राष्ट्रीय सरपंच संघ के अध्यक्ष जयराम पलसानिया और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिन्सिपल शीला मीणा मुख्य अतिथियों के तौर पर शामिल हुए।

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“बाल पंचायत” का हुआ आयोजन

जवानपुुरा में “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत आज एक “बाल पंचायत” का भी आयोजन हुआ, जिसके लिए बच्चों ने उत्साह दिखाया। इस बाल पंचायत में करीब 320 बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चों के लिए आयोजित इस बाल पंचायत में बच्चों को पंचायती राज प्रणाली की जानकारी देने के साथ ही सरपंच के कार्य, अधिकार, ग्राम पंचायत की कार्यवाही आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बाल पंचायत में उपस्थित बच्चों को यह बताने का भी मौका मिला कि अगर वो भविष्य में सरपंच बनते हैं, तो किस तरह से काम करेंगे और गाँव में क्या बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। साथ ही बाल-विवाह, छुआछूत, जल-समस्या, भ्रूण-हत्या जातिवाद जैसे मुद्दे भी उठाएं। इतना ही नहीं, डिजिटल बाल मेला ने इन बच्चों के लिए “बाल सरपंच” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इनमें से 17 बच्चों ने बाल सरपंच पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की और पंचायत में उपस्थित अन्य बच्चों द्वारा इनके लिए लाइव वोटिंग की गई, जिसके आधार पर जीतने वाले दावेदार को जवानपुरा से “बाल सरपंच” चुना जाएगा। इस प्रक्रिया से बच्चों को वोटिंग के बारे में जानकारी मिलने के साथ ही उनका इस क्षेत्र में रुझान भी बढ़ेगा। इसके साथ ही इस अभियान के ज़रिए चयनित बच्चे डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। दूसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल उपसरपंच और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल पंच चुना जाएगा।

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अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” (#MainBhiBaalSarpanch) अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला (#DigitalBaalMela) की www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें….

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