आदिवासी समुदाय के मुद्दे बाल दावेदारों ने रखे सामने….
डूंगरपुर। डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा चलाए जा रहे अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत डूंगरपुर के कहांरी ग्राम पंचायत में बाल पंचायत का अयोजन हुआ। जिसमें बच्चों ने अपने सरपंच के विकास कार्यों को खूब सराहा साथ ही बच्चों ने अपनी कुछ मांगे भी गांव के गणमान्यों के सामने रखी। इस बाल पंचायत में मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय सरपंच राकेश रौत जी मौजूद रहे। जिन्होंने अपने संबोधन में बच्चों को लोकतंत्र और पंचायती प्रणाली की जानकारी दी।
लगभग 300 बच्चों ने इस अभियान के तहत हुई बाल पंचायत मे भाग लिया, साथ ही “बाल सरपंच” प्रतियोगिता के लिए दावेदारी भी पेश की। बाल दावेदारी के लिए ग्राम के बालक और बालिकाओं में खूब जोश और उत्साह दिखाई दिया। कुल 12 बच्चों ने इस प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी पेश कर अपनी व ग्राम और आदिवासी समुदाय की समस्याओं को उजागर किया। जिनके लिए शेष बचे बच्चों ने बैलेट बॉक्स चुनाव प्रक्रिया के तहत लाइव वोटिंग की।
“मैं भी बाल सरपंच” अभियान 6-18 साल की आयु के बच्चों के लिए शुरू किया गया है, जिसका मूल मकसद है पंचायती स्तर पर लोकतंत्र के प्रति बच्चों की “शिक्षा, सक्रियता और सहभागिता” बढ़ाना। इससे बच्चों को देश के भावी जनप्रतिनिधियों के रूप में पंचायत स्तर पर तैयार करने में भी मदद मिलेगी। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया की इन बच्चों में से जो भी बच्चे बाल सरपंच चुने जाएंगे उन्हें जयपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बुलाया जाएगा
अगर आपका बच्चा भी इस अभियान से जुड़ना चाहता है, और बाल सरपंच बनना चाहता है तो आप #DigitalBaalMela की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें….
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