आमेर किले पर स्वच्छता पर आधारित विशेष प्रदर्शनी के समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा, और हेरिटेज निगम के उपायुक्त दिलीप कुमार भम्भानी ने सर्वश्रेष्ठ स्लोगन, लघु नाटिका और प्रश्नोत्तरी विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान किया…

आमेर किले पर स्वच्छता पर आधारित विशेष प्रदर्शनी के समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा, और हेरिटेज निगम के उपायुक्त दिलीप कुमार भम्भानी ने सर्वश्रेष्ठ स्लोगन, लघु नाटिका और प्रश्नोत्तरी विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान किया।

इस अवसर पर पल्लवी शर्मा ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की और कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में बच्चों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वच्छता के दूत है। बच्चों को अपने घर के साथ ही आसपास में भी स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। पेंटिंग प्रदर्शनी का अवलोकन कर उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों ने सफाई को लेकर जिस तरह से विचार पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किए है, उससे लगता है कि जयपुर सबसे स्वच्छ शहर बनने जा रहा है इस दौरान उन्होंने बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनहित में किए जा रहे कार्यों के साथ ही पीड़ित प्रतिकर स्कीम की भी जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को क़ानून की जानकारी देने से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, जिससे बच्चे क़ानून को लेकर सजग रहे और उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी हो। वहीं, दिलीप कुमार भम्भानी ने कहा कि बच्चे स्वच्छता के साथ साथ पार्षद के कार्यों को भी विस्तार से जाने।

50 वार्ड के बच्चों की चयनित फोटो लगाई प्रदर्शनी में

फ्यूचर सोसायटी की रविता शर्मा ने बताया कि इस प्रदर्शनी में जयपुर नगर निगम हैरिटेज के 50 वार्डों से चयनित विद्यालयों के बच्चों की ओर से तैयार की गई पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई थी। पिछले एक सप्ताह में आमेर महल में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और उन्होंने अपने बच्चों की कला को निहारा। केवल स्थानीय नहीं, बल्कि देश—विदेश के पर्यटकों ने भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर बनी पेंटिंग को सराहा। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें समाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और उनके भीतर नेतृत्व कौशल को विकसित करना भी है। कौन बनेगा बाल पार्षद कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को शहरी प्रशासन, संविधान और स्वच्छता अभियानों की व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है।

 

26 नवंबर को शुरू हुआ था अभियान

डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया नगर निगम हैरिटेज की महापौर कुसुम यादव ने 26 नवंबर को इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद 26 जनवरी को अल्बर्ट हॉल पर पेंटिंग प्रदर्शनी को देखकर नगर निगम हैरिटेज कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा ने इस पहल को मील का पत्थर बताया। अभी तक अल्बर्ट हॉल, हवामहल, आमेर महल पर बच्चों की विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *