बाल पार्षदों की चयन प्रक्रिया का शुभारंभ: मेयर कुसुम यादव करेंगी पहले चयन की घोषणा
“कौन बनेगा बाल पार्षद” अभियान एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। स्वच्छता, पर्यावरण और नागरिक जिम्मेदारियों को लेकर जागरूकता फैलाने वाले इस अनूठे अभियान की चयन प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत मेयर श्रीमती कुसुम यादव के कर-कमलों से होगी, जो पहले बाल पार्षद का चयन करेंगी।
यह अभियान 26 नवंबर 2024 को शुरू हुआ था, और तब से अब तक जयपुर नगर निगम हैरिटेज और डिजिटल बाल मेला द्वारा विभिन्न वार्डों में बच्चों के बीच जागरूकता अभियान, चित्रकला, स्लोगन लेखन, नुक्कड़ नाटक और स्वच्छता शिविरों का आयोजन किया गया है।
इस अभियान के तहत 12 से 18 वर्ष के बच्चों को नगर निकाय की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। इन गतिविधियों के ज़रिए बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और सामाजिक समझ को प्रस्तुत किया है, और अब उसी के आधार पर बाल पार्षदों का चयन किया जाएगा।
बच्चों को मिलेगा निर्णय लेने का अनुभव
चयनित बाल पार्षद निगम सभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे, पार्षदों की भूमिका को समझेंगे और यह जानेंगे कि एक जनप्रतिनिधि अपने वार्ड के विकास, सफाई और जनहित के कामों में कैसे सक्रिय रहता है। यह एक प्रकार की अभ्यास लोकतंत्र की प्रक्रिया होगी, जिसमें बच्चे व्यवहारिक अनुभव से सीखेंगे।
आदरणीय मेयर के नेतृत्व में यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी, प्रेरक और बच्चों की सहभागिता को सम्मान देने वाली होगी। इस अभियान का लक्ष्य है कि बच्चों को न सिर्फ बाल पार्षद के रूप में मंच दिया जाए, बल्कि उन्हें भावी नागरिक के रूप में तैयार किया जाए जो समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
जल्द ही विभिन्न वार्डों से चयनित बाल पार्षदों की सूची भी जारी की जाएगी। यह चयन बच्चों के विचार, प्रस्तुति, सामाजिक दृष्टिकोण और जनभागीदारी की समझ के आधार पर किया जाएगा।
> “अब बच्चों की आवाज़ बनेगी शहर की आवाज़!”

