राजस्थान के पारस माली ने दी विश्व ब्रेल दिवस के बारे में जानकारी।       

बाल लेखक पारस माली।

विश्व ब्रेल प्रतिवर्ष 4 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन ब्रेल लिपि के अविष्कारक लुईस ब्रेल के जन्म हुआ था। नेत्रहीन लोगों के लिए यह दिन बहुत खास है क्योंकि आज ही के दिन नेत्रहीनों की जिंदगी में रोशनी भरने वाले लुइस ब्रेल का जन्म हुआ था। लुइस ने ब्रेल लिपि को जन्म दिया था जिसके चलते आज दृष्टि हीन लोग भी पढ़ लिख रहे हैं। और आगे बढ़ रही है।                  

 विश्व ब्रेल दिवस का इतिहास।

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसे हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जन्मदिन को विश्व ब्रेल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 4 जनवरी 2019 को पहली बार विश्व ब्रेल दिवस बनाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में 253 मिलियन लोग आंखों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही है। इनमें से 40 मिलियन लोग नेत्रहीन है। इस लिपि से नेत्रहीन लोग भी आगे बढ़ सकते हैं।

धन्यवाद।

डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –

Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela

Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela

YouTube –

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *